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भाजपा के गढ़ में राजेश अग्रवाल का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, बेटी दिवस पर महिलाओं की पीडीए महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब, 700 बेटियों के सम्मान से दिया बड़ा संदेश

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नीरज सिसौदिया, बरेली

बरेली कैंट विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ पार्षद और कैंट विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सुभाषनगर के रामलीला मेला ग्राउंड में ऐसा बड़ा आयोजन किया, जिसने कैंट की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा के प्रभाव वाले सुभाषनगर में राजेश अग्रवाल की ओर से आयोजित पीडीए महापंचायत और बेटी सम्मान दिवस में हजारों की भीड़ जुटी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बेटियां शामिल हुईं और 700 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

सुभाषनगर को लंबे समय से भाजपा के मजबूत प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। ऐसे क्षेत्र में सपा के टिकट के प्रबल दावेदार राजेश अग्रवाल का इतना बड़ा कार्यक्रम करना और उसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दर्ज होना अपने आप में कैंट की बदलती राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि जिस इलाके को भाजपा के मजबूत आधार वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता रहा है, वहां सपा के एक दावेदार ने इतनी बड़ी भीड़ जुटाकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी का अहसास करा दिया है।

इसे राजेश अग्रवाल के लिए केवल एक सामाजिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जा रहा। पीडीए महापंचायत के साथ बेटी सम्मान दिवस को जोड़कर उन्होंने एक ही मंच से सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी और महिलाओं के सम्मान का संदेश देने की कोशिश की। कार्यक्रम में सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव की मौजूदगी ने भी इसे पार्टी के स्तर पर महत्वपूर्ण बना दिया।

मंच से महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने राजेश अग्रवाल के आयोजन की सराहना की और इसे शानदार कार्यक्रम बताया।

700 महिलाओं को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित

बेटी दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं शहर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में सुभाषनगर क्षेत्र के रामलीला मैदान में महिलाओं की PDA पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर करीब 700 महिलाओं को शाल ओढ़ाकर, प्रमाण पत्र एवं पुष्पमालाएं भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए जनता को एकजुट होना होगा : शुभलेश यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं, बेटियों, युवाओं, किसानों, मजदूरों और समाज के सभी वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए जनता को एकजुट होना होगा।

भाजपा सरकार की नीतियों से सब परेशान : शमीम खां सुल्तानी

सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता, महिलाएं और युवा परेशान हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने और अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।

बेटियों के सम्मान के बिना किसी भी समाज की प्रगति असंभव : राजेश अग्रवाल

राजेश अग्रवाल ने कहा कि PDA पंचायतों का उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के साथ-साथ महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी के लिए आगे लाना है। उन्होंने कहा कि बेटियां और महिलाएं समाज की शक्ति हैं और उनके सम्मान के बिना किसी भी समाज की प्रगति संभव नहीं है।

सपा की महिला पदाधिकारियों का भी सम्मान

इस अवसर पर भारती चौहान, जैनब फातिमा, महिला सभा जिलाध्यक्ष स्मिता यादव, महिला सभा महानगर अध्यक्ष सरताज गजल अंसारी, एडवोकेट मनीषा सक्सेना, बीना गौतम, दीप्ति पांडे, शांति सिंह, दीपा जेम्स, कमलेश ठाकुर, पल्लवी सक्सेना, रेनू वाल्मीकि, गीता राणा और महलका कुरैशी को बेटी दिवस पर सम्मानित किया गया।


वहीं संचालन सुरेन्द्र सोनकर ने किया। कार्यक्रम में दिनेश यादव, जितेंद्र मुंडे, शेर सिंह गंगवार, रविन्द्र यादव, राजेश मौर्या, मोहित सक्सेना, सिंपल कन्नौजिया, गरु प्रसाद काले, रोहित राजपूत, सौरभ यादव, तोष पाल कुर्मी समेत प्रमुख सपा पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

कैंट विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में सुभाषनगर का अपना अलग महत्व है। भाजपा समर्थक राजनीति के लिहाज से मजबूत माने जाने वाले इस इलाके में आमतौर पर विपक्षी दलों के बड़े आयोजनों को लेकर इतनी चर्चा नहीं होती। ऐसे में राजेश अग्रवाल ने यहीं पीडीए महापंचायत और बेटी सम्मान दिवस का आयोजन कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।

कार्यक्रम स्थल पर उमड़ी भीड़ ने इस संदेश को और बड़ा बना दिया। महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही और 700 महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पिछड़े और दलित समाज से जुड़े लोगों की भी अच्छी मौजूदगी रही।

राजेश अग्रवाल के समर्थक इसे भाजपा के मजबूत माने जाने वाले इलाके में सपा की बढ़ती पहुंच के तौर पर देख रहे हैं। राजनीतिक रूप से इसका वास्तविक असर कितना होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा, लेकिन इतना जरूर है कि सुभाषनगर जैसे इलाके में इतना बड़ा कार्यक्रम कर राजेश अग्रवाल ने कैंट की टिकट की दौड़ में अपनी सक्रियता को प्रमुखता से सामने ला दिया है। राजेश अग्रवाल जानते हैं कि अगर विधानसभा के चुनावी रण में भाजपा को हराना है तो सुभाष नगर और मढ़ीनाथ को जीतना होगा। यही वजह है कि राजेश अग्रवाल शुरू से ही इन्हीं इलाकों पर फोकस कर रहे हैं।

उनके समर्थकों का दावा है कि इस आयोजन ने भाजपा के गढ़ में उसकी राजनीतिक जमीन को चुनौती देने का संदेश दिया है। हालांकि केवल किसी कार्यक्रम की भीड़ को चुनावी वोट में बदलना अलग प्रक्रिया है और उसका आकलन चुनाव के दौरान ही किया जा सकता है। फिर भी मौजूदा दौर में जब कैंट सीट पर सपा के कई दावेदार लगातार अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं, ऐसे में राजेश अग्रवाल का यह आयोजन राजनीतिक रूप से चर्चा में आना स्वाभाविक है।

PDA के साथ बेटियों का सम्मान, राजेश अग्रवाल ने बदला कार्यक्रम का स्वरूप

राजेश अग्रवाल ने इस आयोजन को केवल राजनीतिक महापंचायत तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसके साथ बेटी सम्मान दिवस को जोड़कर कार्यक्रम का स्वरूप ही बदल दिया।

महापंचायत के मंच से महिलाओं और बेटियों को सम्मानित किया गया। सैकड़ों महिलाओं को सम्मान देकर उनके सामाजिक योगदान को रेखांकित किया गया। राजेश अग्रवाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को सम्मान, भागीदारी और अधिकार दिलाने की दिशा में काम कर रही है। इसी भावना के साथ महिलाओं और बेटियों के सम्मान का कार्यक्रम भी रखा गया।

यही वजह रही कि आयोजन में राजनीतिक भाषणों के साथ सामाजिक सरोकार भी दिखाई दिया। महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी।

राजेश अग्रवाल करीब तीन दशक से सक्रिय राजनीति में हैं। स्थानीय मुद्दों को लेकर आंदोलन करना उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा रहा है। सड़क, जनसमस्याओं, नगर निगम से जुड़े मुद्दों और आम लोगों की समस्याओं को लेकर वह लगातार आवाज उठाते रहे हैं।

पिछले कुछ समय में उनकी गतिविधियों का दायरा और व्यापक हुआ है। पीडीए पंचायतों और बैठकों के साथ उन्होंने सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी बढ़ाई है। उनका हालिया ‘शिक्षक सम्मान माह’ भी इसी रणनीति का हिस्सा रहा, जिसमें उन्होंने शिक्षक दिवस को एक दिन तक सीमित रखने के बजाय स्कूलों तक पहुंचने का अभियान शुरू किया।

इस अभियान के तहत वह अलग-अलग स्कूलों में जाकर शिक्षकों को सम्मानित कर रहे हैं। अब पीडीए महापंचायत और बेटी सम्मान दिवस के जरिए उन्होंने महिलाओं और बेटियों को अपने जनसंपर्क अभियान के केंद्र में रखा।

इस तरह देखा जाए तो राजेश अग्रवाल की मौजूदा राजनीतिक सक्रियता का फोकस केवल भाषणों या पार्टी बैठकों तक सीमित नहीं है। वह अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच जाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

 

गुरुवार के आयोजन में सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रही। दोनों नेताओं ने मंच से आयोजन की सराहना की।

महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने राजेश अग्रवाल को शानदार कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी।

राजेश अग्रवाल की रणनीति लगातार बड़े जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की दिखाई दे रही है।
पीडीए पंचायतों से लेकर शिक्षक सम्मान अभियान और अब बेटी सम्मान दिवस तक उनके कार्यक्रमों में एक बात समान दिखाई देती है—वह अलग-अलग वर्गों तक सीधे पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

गुरुवार का आयोजन इस लिहाज से खास रहा कि इसमें एक साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, बेटियां और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग दिखाई दिए। वह भी ऐसे इलाके में, जिसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में देखा जाता है।

राजेश अग्रवाल के समर्थक इसे सुभाषनगर में बड़ा राजनीतिक संदेश मान रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि भाजपा के मजबूत माने जाने वाले इलाके में इतनी बड़ी भीड़ जुटना कैंट की राजनीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए।

क्या सुभाषनगर की भीड़ बदलेगी कैंट का सियासी गणित?

यह सवाल अब राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। किसी भी विधानसभा क्षेत्र में बड़े कार्यक्रम और भीड़ नेता की राजनीतिक सक्रियता और जनसंपर्क की ताकत को दिखा सकते हैं, लेकिन चुनावी परिणाम केवल भीड़ से तय नहीं होते। इसके लिए संगठनात्मक नेटवर्क, बूथ स्तर की पकड़, उम्मीदवार की स्वीकार्यता, विभिन्न सामाजिक समूहों का समर्थन और मतदान के दिन मतदाताओं का रुख जैसे कई कारक महत्वपूर्ण होते हैं।

फिर भी राजेश अग्रवाल के लिए गुरुवार का आयोजन कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। सुभाषनगर के रामलीला मेला ग्राउंड में हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह जरूर दिखाया कि उनके कार्यक्रम अब छोटे स्थानीय आयोजनों तक सीमित नहीं रह गए हैं।

भाजपा के प्रभाव वाले इलाके में इतना बड़ा कार्यक्रम करना और उसमें महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी हासिल करना राजेश अग्रवाल की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को रेखांकित करता है। उनके समर्थकों के लिए यह आयोजन भाजपा के मजबूत क्षेत्र में सपा की दस्तक से कम नहीं है।

राजेश अग्रवाल ने मंच से पीडीए की राजनीति, सामाजिक भागीदारी और महिलाओं के सम्मान की बात रखी। दूसरी ओर भीड़ ने कार्यक्रम को वह दृश्यता दी, जिसकी उम्मीद किसी बड़े राजनीतिक आयोजन से की जाती है।

कैंट विधानसभा सीट पर टिकट की दौड़ अभी लंबी है। कौन दावेदार संगठन और जनता के बीच कितनी मजबूत जगह बना पाता है, यह आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगा। लेकिन गुरुवार को सुभाषनगर में राजेश अग्रवाल ने इतना जरूर कर दिया कि उनकी दावेदारी को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं होगा।

भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले सुभाषनगर में राजेश अग्रवाल का यह बड़ा आयोजन कैंट की राजनीति में उनके अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया है। पीडीए महापंचायत, बेटी सम्मान दिवस, हजारों की मौजूदगी ने इस आयोजन को सामान्य कार्यक्रम से अलग राजनीतिक महत्व दे दिया।

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