नीरज सिसौदिया, बरेली
फरीदपुर विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशियों की निष्क्रियता पर चंद्रसेन सागर की सक्रियता भारी पड़ती नजर आ रही है। टिकट की दौड़ में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन क्षेत्र में लगातार कार्यक्रमों, जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से पूर्व ब्लॉक प्रमुख और वरिष्ठ सपा नेता चंद्रसेन सागर की सक्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके चंद्रसेन सागर ने पिछले कई महीनों में एक के बाद एक ऐसे अभियान चलाए हैं, जिनका दायरा किसी एक गांव या वर्ग तक सीमित नहीं रहा। मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान से लेकर गांवों में विकास विजन के प्रचार, संगठनात्मक बैठकों, सामाजिक सरोकारों, समाजवादी संदेश रथ और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के स्वागत तक उनकी गतिविधियां लगातार फरीदपुर की राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनी हुई हैं। यही गतिविधियां गेम चेंजर बनती नजर आ रही हैं।
उनकी सक्रियता का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान का अभियान रहा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई इस मुहिम में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। अभियान की शुरुआत फतेहगंज पूर्वी से हुई और भिटौरा, सलेमपुर तथा टिशुआ समेत कई क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। शुरुआती चरण में ही 385 विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाणपत्र और उपहार दिए गए। खास बात यह रही कि अभियान का फोकस केवल टॉप करने वाले बच्चों तक सीमित नहीं था, बल्कि परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान देने की बात कही गई।

इसके बाद यह अभियान और व्यापक हुआ। फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में छात्रों के सम्मान के कार्यक्रम हुए। सुकटिया क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में 55 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इन आयोजनों में चंद्रसेन सागर ने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। चुनावी राजनीति में संभावित प्रत्याशी आम तौर पर जनसभाओं और राजनीतिक बैठकों के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं, लेकिन चंद्रसेन सागर ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों तक पहुंच बनाने वाले कार्यक्रमों के जरिए अपने अभियान का अलग दायरा तैयार किया।
112 गांवों में विकास के विजन का प्रचार
छात्र सम्मान अभियान के साथ-साथ चंद्रसेन सागर ने फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के 112 गांवों में बैनर और होर्डिंग के माध्यम से अपना विकास विजन भी सामने रखा। इन बैनरों में सड़क, नाली, पुल-पुलिया, मंडी, रोजगार, बिजली, पानी, सफाई, युवाओं की कोचिंग, खेल मैदान, रोजगार सहायता केंद्र और महिलाओं के लिए रोजगार सहित अलग-अलग मुद्दों को शामिल किया गया।
इस पहल के जरिए उन्होंने अपनी राजनीतिक सक्रियता को केवल कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय समस्याओं और संभावित विकास एजेंडे से जोड़ने की कोशिश की। चुनाव अभी दूर है, लेकिन गांवों में पहले से अपनी प्राथमिकताएं बताने का यह तरीका फरीदपुर की राजनीति में उनकी मौजूदगी को लगातार बनाए रखने वाला अभियान बन गया।
संगठन से लेकर बूथ तक सक्रियता
चंद्रसेन सागर की सक्रियता केवल जनसंपर्क कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रही। समाजवादी पार्टी की फरीदपुर विधानसभा की संगठनात्मक समीक्षा बैठक में उन्होंने बूथ स्तर की तैयारियों का भी ब्यौरा रखा। बैठक में संगठन को मजबूत करने और गैर-यादव पिछड़ी जातियों तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
यही वह पहलू है जो उनकी दावेदारी को केवल व्यक्तिगत प्रचार के बजाय संगठनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ता है। फरीदपुर की राजनीति में टिकट के कई दावेदार सक्रिय हैं, लेकिन चंद्रसेन सागर लगातार यह दिखाने की कोशिश करते रहे हैं कि उनकी तैयारी केवल टिकट मिलने के बाद शुरू होने वाली गतिविधि नहीं है।
सपा सांसद आदित्य यादव के फरीदपुर दौरे में भी साथ रहे सागर
गुरुवार को समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे तो चंद्रसेन सागर ने उन्हें क्षेत्र के कई गांवों में ले जाकर स्थानीय लोगों से संवाद कराया। आदित्य यादव ने गांवों में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनसे खुलकर बातचीत की और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं।

इस दौरान चंद्रसेन सागर लगातार आदित्य यादव के साथ मौजूद रहे। ग्रामीणों के साथ सांसद के सीधे संवाद ने इस दौरे को केवल औपचारिक राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहने दिया। गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत कराने की जिम्मेदारी संभालना भी चंद्रसेन सागर की क्षेत्र में सक्रिय संगठनात्मक भूमिका को सामने लाता है।
फरीदपुर की राजनीति में किसी संभावित प्रत्याशी के लिए वरिष्ठ पार्टी नेताओं को क्षेत्र में लेकर जाना और ग्रामीणों से उनका सीधा संवाद कराना राजनीतिक संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। आदित्य यादव के दौरे में भी चंद्रसेन सागर की सक्रियता इसी रूप में नजर आई।
आंवला सांसद नीरज मौर्य के समक्ष उठाईं समस्याएं
चंद्रसेन सागर ने वीरवार को स्थानीय मुद्दों को लेकर आंवला सांसद नीरज मौर्य से भी मुलाकात की और उन्हें स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही समस्याओं के समाधान की मांग भी की।

टिकट के दूसरे दावेदार कहीं नहीं ठहर रहे चंद्रसेन के प्रचार के आगे
फरीदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी से टिकट के लिए कई नामों की चर्चा है। हालांकि क्षेत्र में लगातार दिखाई देने वाली गतिविधियों के लिहाज से चंद्रसेन सागर की सक्रियता अन्य दावेदारों की तुलना में कहीं अधिक नजर आती है। छात्र सम्मान अभियान, गांवों में विकास विजन, संगठनात्मक बैठकों, सामाजिक कार्यक्रमों, वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रमों और समाजवादी संदेश रथ तक उनकी मौजूदगी लगातार बनी रही है।
सपा के स्थानीय राजनीतिक हलकों में उनके समर्थक यह दावा करते हैं कि फरीदपुर में टिकट की दावेदारी कर रहे किसी अन्य नेता ने इतने व्यापक स्तर पर और इतनी निरंतरता के साथ कार्यक्रम नहीं किए हैं। यह दावा राजनीतिक रूप से उनके समर्थकों की धारणा है, जबकि टिकट के अंतिम फैसले और दावेदारों की तुलना का अधिकार पार्टी नेतृत्व के पास है।
‘गधों’ को “घोड़ों” की रेस में दौड़ाने की तैयारी कर रहे चंद्रसेन सागर के विरोधी जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी
इसी बीच सपा की स्थानीय राजनीति में चंद्रसेन सागर के विरोधियों और समर्थकों के बीच खींचतान भी चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जाता है कि पार्टी के जिले के कुछ वरिष्ठ नेता गधों को घोड़ों की रेस में दौड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें मटन वाली भाभी से लेकर होटल वाली भाभी तक सब शामिल हैं। बताया जाता है कि जिले के सबसे बड़े पदाधिकारी ने इन दोनों से ही टिकट दिलवाने का वादा कर मोटी रकम वसूल कर ली है जिससे उस पदाधिकारी के मकान की ऊपरी मंजिल का काम चल रहा है। चंद्रसेन सागर के समर्थक आरोप लगाते हैं कि जिले के कुछ नेता व्यक्तिगत राजनीतिक विरोध और निजी स्वार्थ के कारण उनकी दावेदारी को कमजोर करने के लिए दूसरे कमजोर चेहरों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूत दावेदारी के सामने ऐसे चेहरों को दौड़ में उतारने की कोशिश हो रही है जिनका इलाके में कोई राजनीतिक वजूद ही नहीं है। इतना ही नहीं इस पदाधिकारी ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि चाहे कुछ भी हो जाए वह चंद्रसेन सागर को टिकट नहीं लेने देगा। सागर समर्थक यह भी सवाल उठाते हैं कि जिन कुछ नेताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, उनमें ऐसे चेहरे भी हैं जो पहले भाजपा या बसपा में सक्रिय रहे हैं और वहां से नकार दिए जाने के बाद समाजवादी पार्टी की राजनीति में आए।

समाजवादी संदेश रथ ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
चंद्रसेन सागर की सक्रियता का सबसे बड़ा अभियान सितंबर में दिखाई दिया, जब उनकी पहल पर ‘समाजवादी संदेश यात्रा’ का रथ लखनऊ से रवाना हुआ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने 31 अगस्त को रथ को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद रथ इटावा, जसवंतनगर, कन्नौज और फर्रुखाबाद होते हुए फरीदपुर की ओर बढ़ा।
इस यात्रा को केवल फरीदपुर तक सीमित नहीं रखा गया। रथ पर समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेताओं के साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों के महापुरुषों और स्थानीय समाजवादी नेताओं की तस्वीरों को भी जगह दी गई। इस तरह चंद्रसेन सागर ने एक ऐसे राजनीतिक अभियान की कोशिश की जिसमें पार्टी की विचारधारा, सामाजिक इतिहास और स्थानीय संगठन को एक साथ प्रदर्शित किया गया।
जब यह रथ फरीदपुर की ओर पहुंचा तो समर्थकों और कार्यकर्ताओं का बाइक काफिला भी दिखाई दिया। फतेहगंज पूर्वी से फरीदपुर की ओर बढ़े काफिले में बड़ी संख्या में बाइक सवार शामिल हुए और कई स्थानों पर यात्रा का स्वागत किया गया। इससे क्षेत्र में चंद्रसेन सागर की राजनीतिक गतिविधियों को और दृश्यता मिली।

शिवपाल यादव के स्वागत में भी जुटे कार्यकर्ता
सितंबर में ही चंद्रसेन सागर की अगुवाई में फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के सपा कार्यकर्ता दातागंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर शिवपाल सिंह यादव के स्वागत के लिए पहुंचे। स्वागत के बाद कार्यकर्ता उनके साथ बदायूं गए और कार्यक्रम के बाद विदाई तक मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम की चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि शिवपाल सिंह यादव और आदित्य यादव ने स्वागत कार्यक्रम की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल से साझा कीं। तस्वीरों में चंद्रसेन सागर कार्यकर्ताओं के साथ नजर आए। पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से जुड़े कार्यक्रमों में इस तरह सक्रिय भागीदारी उनकी संगठनात्मक गतिविधियों का एक और पक्ष सामने लाती है।
सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ने की कोशिश
चंद्रसेन सागर की सक्रियता का एक और पक्ष सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। फरीदपुर तहसील क्षेत्र में निराश्रित और असहाय लोगों के लिए आश्रय गृह की पहल की गई। इसका शिलान्यास सरला सिंह यादव ने किया। इसी पहल के तहत महिलाओं के कल्याण के लिए अलग भवन बनाने की योजना की बात भी सामने आई।
चुनावी राजनीति के लिहाज से देखें तो इस तरह की पहलें संभावित प्रत्याशी की सार्वजनिक गतिविधियों को केवल राजनीतिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहने देतीं। फरीदपुर में चंद्रसेन सागर के अभियान का यह पक्ष उन्हें सामाजिक मुद्दों से जोड़ने की कोशिश के रूप में सामने आया।

लगातार कार्यक्रमों ने मजबूत की चंद्रसेन की टिकट की दावेदारी
चंद्रसेन सागर की अब तक की राजनीतिक गतिविधियों को एक साथ देखा जाए तो उनका अभियान कई स्तरों पर चलता दिखाई देता है। एक तरफ मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के जरिए परिवारों और युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश हुई, दूसरी तरफ 112 गांवों में विकास विजन के बैनर लगाए गए। संगठनात्मक स्तर पर बूथों और पिछड़े वर्गों तक पहुंच की बात रखी गई। इसके बाद समाजवादी संदेश रथ के जरिए पार्टी की विचारधारा और संगठन को गांव-कस्बों तक पहुंचाने की कोशिश हुई। वहीं वरिष्ठ सपा नेताओं के कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय मौजूदगी ने उनकी संगठनात्मक भूमिका को भी लगातार सामने रखा।
इन तमाम गतिविधियों के बीच फरीदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के टिकट की दावेदारी को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ती जा रही है। चंद्रसेन सागर के समर्थक उन्हें सबसे सक्रिय दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं और लगातार कार्यक्रमों को इसका आधार बता रहे हैं। दूसरी ओर पार्टी के भीतर टिकट के अन्य दावेदार भी अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।

टिकट किसे मिलेगा, इसका फैसला समाजवादी पार्टी नेतृत्व को करना है। लेकिन सितंबर 2026 तक की गतिविधियों को देखें तो चंद्रसेन सागर ने फरीदपुर में अपनी मौजूदगी को लगातार सबसे अधिक मजबूत बनाए रखा है। छात्र सम्मान से शुरू हुई गतिविधियां गांवों में विकास विजन, संगठनात्मक सक्रियता, आदित्य यादव के दौरे, समाजवादी संदेश रथ और वरिष्ठ नेताओं के स्वागत तक पहुंच चुकी हैं। चुनाव से काफी पहले लगातार मैदान में बने रहने की यह रणनीति उनकी दावेदारी को फरीदपुर की राजनीतिक चर्चाओं में लगातार बनाए हुए है।




