सुशील तिवारी, जालंधर
अंग्रेजों के जमाने की पानी की पाइप लाइनें वार्ड 66 के लोगों के घरों में जहर सप्लाई कर रही हैं। 10 साल से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं लेकिन पूर्व भाजपा पार्षद गोपालदास पेठे वाले ने कभी भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। अकाली-भाजपा गठबंधन के सत्ता में होने के बावजूद इलाके की पेयजल आपूर्ति लाइने नहीं बदली जा सकी और ना ही यहां शुद्ध दूषित पेयजल की समस्या का समाधान हो सका। नए आजाद पार्षद दविंद्र सिंह रोनी ने जनता को इस समस्या से निजात दिलाने का बीड़ा उठाया है। वीरवार को रोनी वार्ड वासियों के साथ समस्या को लेकर मेयर जगदीश राजा से मिले और जल्द ही समस्या का समाधान करने की मांग की। रोनी ने कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थानीय लोगों की समस्या का समाधान नहीं किया गया है जिसके चलते लोग पिछले करीब 10 सालों से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और बीमार पड़ रहे हैं। राजा ने उन्हें जल्द से जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
बता देंगे कि दूषित पेयजल की समस्या सिर्फ वार्ड नंबर 66 में ही नहीं बल्कि शहर के विभिन्न इलाकों में हैं। इसका मूल कारण अंग्रेजों के जमाने की पाइप लाइनों को आज तक ना बदला जाना है। यह पेयजल आपूर्ति लाइने अमृत प्रोजेक्ट के तहत बदली जानी थी लेकिन फिलहाल इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। नगर निगम चुनाव से पहले इसके लिए टेंडर तो निकाले गए थे लेकिन सरकार की ओर से इसे कैंसिल कर दिया गया था।

10 साल से दूषित पानी पी रहे वार्ड के लोग, रोनी ने मेयर के समक्ष उठाया मुद्दा




