नीरज सिसौदिया, बरेली पुरानी कहावत है कि “जब सैंया भए कोतवाल तो फिर डर काहे का”। बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर इन दिनों समाजवादी पार्टी के भीतर जो घटनाक्रम सामने आ रहा है, वह इस कहावत को चरितार्थ करता नजर आ रहा है। जिस संगठनात्मक बदलाव से कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि पार्टी […]

