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भाजपा में बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी होगा बदलाव, पढ़ें किसको मिलेगी जगह और कौन होगा बाहर

नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जुलाई के आखिर में अपनी नई टीम की घोषणा कर सकते हैं। इसके लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। भाजपा संगठन में बदलाव के बाद ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल किया जाएगा। नड्डा के लिए सबसे पहला कार्य पार्टी की संसदीय समिति के रिक्त स्थानों को भरना है। अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अनंत कुमार के निधन के चलते संसदीय बोर्ड में रिक्त हुए स्थानों को भरने में नड्डा को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद एक और सीट खाली हुई थी। यह माना जा रहा है कि संसदीय समिति में नए लोगों को मौका दिया जा सकता है। नई टीम की घोषणा को लेकर कोई कयास इसलिए भी तेज हो रहे हैं क्योंकि पिछले ही दिनों पार्टी अध्यक्ष ने 3 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है।
माना जा रहा है कि संसदीय समिति में योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस, पीयूष गोयल जैसे नेताओं को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा सुषमा स्वराज की जगह निर्मला सीतारमण या स्मृति ईरानी को दी जा सकती है।
बता दें कि पार्टी की संसदीय समिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत और पार्टी के संगठन महासचिव बीएल संतोष शामिल हैं।
महासचिव स्तर पर भी हो सकते हैं बदलाव
पार्टी में महासचिव स्तर पर भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी के वर्तमान महासचिव की बात करें तो कैलाश विजयवर्गीय और भूपेंद्र यादव को बरकरार रखा जा सकता है। इसके कारण यह भी हैं कि पश्चिम बंगाल और बिहार में आने वाले दिनों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। राम माधव और मुरलीधर राव के पास भी महासचिव की जिम्मेदारी रहेगी। अनिल जैन को फिलहाल कोई और जिम्मेदारी देने की बात की जा रही है। वहीं, माना जा रहा है कि सरोज पांडे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
एक व्यक्ति एक पद पर काम कर रहे नड्डा
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एक व्यक्ति और एक पद के सिद्धांत पर काम करने के लिए योजना बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी नेता के पास सिर्फ एक ही पद होगा। वर्तमान में यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को भी पार्टी महासचिव बनाया जा सकता है।
युवाओं और महिलाओं पर भी नजर
पार्टी उपाध्यक्ष के रूप में भी नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। यह माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी जगह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी सूत्रों का यह भी दावा है कि जेपी नड्डा की टीम में युवाओं को खासा महत्व दिया जाएगा। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि पार्टी संविधान के अनुसार 33 फीसदी महिलाओं को जगह देने की मूड में है। पार्टी के मीडिया संयोजक अनिल बलूनी फिलहाल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने पार्टी से आग्रह किया गया है कि उन्हें फिलहाल इस पद से मुक्त किया जाए। ऐसे में मीडिया संयोजक का पद किसी नए चेहरे को दिया जा सकता है। पार्टी के आईटी सेल और प्रवक्ताओं की टीम में भी फेरबदल की गुंजाइश दिखाई दे रही है।
मंत्री बन सकते हैं सिंधिया
वर्तमान में पार्टी में कुछ ऐसे भी चेहरे हैं जो किसी पद पर नहीं है लेकिन उन्हें दरकिनार करना भी मुश्किल हो सकता है। सुरेश प्रभु भी उन्हीं नेताओं में से हैं। इसके अलावा हाल में ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी या फिर केंद्रीय कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा पार्टी के अन्य मोर्चों में भी बदलाव किए जा सकते है। युवा मोर्चा में पूनम महाजन की जगह किसी और को मौका दिया जा सकता है। किसान मोर्चा हो या फिर व्यापार मोर्चा, सभी में बदलाव के संकेत मिल रहे है। अब देखना होगा कि आखिर संघ और पार्टी नेताओं के बीच हुई कई बैठकों के बाद किसके चेहरे पर मोहर लगा है और किसे फिलहाल इंतजार करने को कहा गया है।

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