श्रीनगर/जम्मू। दक्षिण कश्मीर हिमालय में कड़ी सुरक्षा में हो रही वार्षिक तीर्थयात्रा के पहले दिन शनिवार को 13,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन किए। तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की यात्रा शुरू करने के लिए बालटाल और नुनवान स्थित दो आधार शिविरों से रवाना हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा आरंभ होने पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन कर शिवभक्तों में असीम ऊर्जा का संचार होता है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पवित्र अमरनाथ यात्रा आरंभ होने पर सभी तीर्थयात्रियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। बाबा बर्फानी के दर्शन और वंदन से जुड़ी यह यात्रा शिवभक्तों में असीम ऊर्जा का संचार करने वाली होती है। उनकी कृपा से सभी श्रद्धालुओं का कल्याण हो, यही कामना है। जय बाबा बर्फानी।” गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अमरनाथ गुफा मंदिर की सुरक्षित, सुगम और सुखद तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए हरसंभव प्रबंध कर रही है। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री अमरनाथ यात्रा भारतीय संस्कृति की पारंपरिकता व अविरलता का शाश्वत प्रतीक है। आज से इस दिव्य यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। मैं सभी श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन-पूजन की शुभकामनाएं देता हूँ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र जी के नेतृत्व में हमारी सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम व सुखद यात्रा के लिए संकल्पित है और श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने हरसंभव व्यवस्था की है। हर-हर महादेव।” यात्रा सुबह-सुबह दो मार्गों से शुरू हुई – अनंतनाग में 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक नूनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल में 14 किलोमीटर लंबा छोटा, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग। बावन दिनों तक चलने वाली यह तीर्थयात्रा 19 अगस्त को समाप्त होगी। एक अधिकारी ने बताया, “पहले दिन 13,736 तीर्थयात्री प्राकृतिक रूप से बने हिम शिवलिंग के दर्शन करने के लिए गुफा मंदिर पहुंचे।” तीर्थयात्रियों में 3,300 महिलाएं, 52 बच्चे, 102 साधु और 682 सुरक्षाकर्मी शामिल थे, जो दोनों मार्गों से मंदिर पहुंचे। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास आधार शिविर से 4,603 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। यात्रा के सुचारू संचालन के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों के हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। हवाई निगरानी भी की जा रही है। इस बीच, सार्वजनिक उपक्रम ओएनजीसी ने कश्मीर में अमरनाथ के दो आधार शिविरों में 100 बिस्तरों वाले दो अस्पताल स्थापित किए हैं और घोषणा की है कि वार्षिक यात्रा के बाद भी ये चालू रहेंगे। पिछले साल 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन किए थे।
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All right. Well, take care yourself. I guess that’s what you’re best, presence old master? A tremor in the Force. The last time felt it was in the presence of my old master. I have traced the Rebel spies to her. Remember, a Jedi can feel the Force flowing through him. I can’t get involved! […]
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