हाथरस भगदड़ : अब बाबा भी हो सकता है गिरफ्तार, बाबा की तलाश में हरियाणा और राजस्थान भेजी गईं विशेष टीमें, एसआईटी ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट, पढ़ें क्या लिखा है रिपोर्ट में
उत्तर प्रदेश सरकार की एजेंसियों ने हाथरस में हुई भगदड़ की घटना के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर को पकड़ने के लिए राज्य के साथ-साथ पड़ोसी राजस्थान तथा हरियाणा में तलाश शुरू कर दी है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि तमाम एजेंसियां पूछताछ के लिए प्रवचनकर्ता सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि उर्फ ‘भोले बाबा’ की भी तलाश कर रही हैं। हाथरस जिले के फुलरई गांव में दो जुलाई को ‘भोले बाबा’ के सत्संग के बाद मची भगदड़ में कुल 121 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर महिलाएं थीं। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपी के तौर पर सिर्फ मुख्य सेवादार मधुकर का नाम है और सूरजपाल का नाम दर्ज नहीं किया गया है। यह प्राथमिकी हाथरस के सिकंदराराऊ पुलिस थाने में दर्ज की गई जिसमें मधुकर के अलावा ‘‘कई अज्ञात आयोजकों” को भी आरोपी बनाया गया और मामले में अब तक छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी गई है। जांच जारी है और सरकारी एजेंसियां फरार मुख्य आरोपी की तलाश कर रही हैं। एजेंसियां, पूछताछ के लिए प्रवचनकर्ता की भी तलाश कर रही हैं।” अधिकारी ने यह भी बताया, ‘‘तलाशी अभियान के तहत टीम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और राज्य के पूर्वी जिलों की खाक छान चुकी है। टीम राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में भी तलाश कर रही है।” इस बीच, भगदड़ की घटना की जांच को लेकर गठित विशेष कार्य दल (एसआईटी) की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है।
वहीं, मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी ने अब तक 90 बयान दर्ज किए हैं। एसआईटी के प्रमुख अनुपम कुलश्रेष्ठ ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आगरा जोन) कुलश्रेष्ठ तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे हैं, जो दो जुलाई को यहां सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत से संबंधित मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है। हाथरस में ‘पीटीआई-भाषा’ से विशेष बातचीत में एडीजी कुलश्रेष्ठ ने कहा, “अब तक 90 बयान दर्ज किए गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी गई है, जबकि विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।” पुलिस जांच की स्थिति के बारे में अधिकारी ने कहा कि अधिक साक्ष्य सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा, “एकत्रित साक्ष्य निश्चित रूप से कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से की गईं खामियों का संकेत देते हैं।” इस बीच, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगदड़ की घटना पर एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट से अवगत कराया गया है। यह रिपोर्ट एडीजी आगरा जोन ने पेश की है, जो दो जुलाई को हाथरस में भगदड़ के बाद बचाव एवं राहत उपायों की देखरेख के लिए हाथरस का दौरा करने वाले शीर्ष अधिकारियों में शामिल थे। गोपनीय रिपोर्ट में हाथरस के जिला मजिस्ट्रेट आशीष कुमार, पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बयान शामिल हैं, जिन्होंने भगदड़ के कारण उत्पन्न आपातकालीन स्थिति का जायजा लिया था।
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