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गुलज़ार, पं. भवदीप जयपुरवाले और सुमित टप्पू का नया एल्बम लॉन्च

पूजा सामंत मुंबई

मुंबई में सितारों से सजे एक समारोह में 23 अगस्त को, दिग्गज गीतकार गुलज़ार साहब, संगीतकार और कम्पोज़र पंडित भवदीप जयपुरवाले और गायक सुमित टप्पू ने अपना नया एल्बम “दिल परेशान करता है” लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पद्मविभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अद्भुत बल्लेबाज सुनील गावस्कर, पद्मश्री अनूप जलोटा, ग़दर निर्देशक अनिल शर्मा, गायक नितिन मुकेश, चंदन दास, घनश्याम वासवानी, श्याम सिंघानिया, ललित पंडित, अरुण गोविल, जे डी मजीठिया, विजय दयाल, आनंद डाबरे, अशोक खोसला, कुणाल गांजावाला सहित कई हस्तियां मौजूद थीं। सुमित टप्पू के पिता महेंद्र टप्पू और सुमित की पत्नी भी विशेष रूप से यहां हाजिर रहीं। रखशिन्दा ने कार्यक्रम की बखूबी एंकरिंग की। अल्बम के दो वीडियो सॉन्ग दर्शाए गए जो सभी ने खूब पसन्द किए। एक गीत है “हमने तुम्हारी याद का मौसम बुला लिया, इक गम बुझा दिया कभी इक ग़म जला लिया” जबकि दूसरा गीत था “समंदर” जिसे समंदर किनारे फिल्माया गया है और इसमे सुमित टप्पू ने फीचर किया है।”

इस खास अवसर पर एक शानदार केक काटकर गुलज़ार साहब का 90वां जन्मदिन भी मनाया गया। सुनील गावस्कर ने गुलज़ार साहब से सेंचुरी पूरी करने की रिक्वेस्ट की तो उन्होंने कहा कि वह पूरी कोशिश करेंगे।

पद्मश्री अनूप जलोटा ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी हो रही है कि उनका शिष्य सुमित टप्पू इतना बढ़िया सिंगर बन गया है। जो गायक गुलज़ार साहब का एक गीत गा देता है वह काफी लोकप्रिय हो जाता है यहाँ तो सुमित ने गुलज़ार साहब के लिखे 7 गीतों को अपनी आवाज़ से सजाया है। सुमित ने बहुत आत्मविश्वास के साथ गाने गाए हैं।

इस एल्बम में सात ओरिजनल गीत हैं जो संगीत कला की एक उत्कृष्ट रचना है, जिसमें गुलज़ार साहब द्वारा सात अलग-अलग शायरी प्रस्तुत की गई हैं, जो प्रख्यात संगीत निर्देशक पं. भवदीप जयपुरवाले की कम्पोज़िशन पर आधारित हैं और सुमित टप्पू की भावपूर्ण एवं मंत्रमुग्ध कर देने वाली आवाज़ ने इन्हें जीवंत कर दिया है।

पंडित भवदीप जयपुरवाले का म्युज़िक अरेंजमेंट्स, लाइव इंस्ट्रूमेंट्स और एक सुंदर वायलिन सिम्फनी से सजा यह अल्बम गैर-फिल्मी संगीत के क्षेत्र में एक दुर्लभ आवाज़ का एहसास कराता है।

गुलज़ार साहब की समय से परे और गहरी सोच से भरी शायरी दिल को छूती है जो प्रेम, जीवन और दर्शन के सार पर चिंतन के लिए आमंत्रित करती है। भावनात्मक शायरी और अल्फ़ाज़ में गहराई के लिए मशहूर गुलज़ार ने ऐसे गीत गढ़े हैं जो प्रेम से लेकर उम्मीद तक कई तरह के विषयों को छूते हैं।

गुलज़ार साहेब के पैर छू कर ऎक्टर अरुण गोविल ने कहा कि फिजी में सुमीत के साथ कुछ शोज़ किए थे तब से उनके साथ सम्बंध है। “दिल परेशान करता है” टाइटल गुलज़ार साहेब ही दे सकते हैं। वह जब बात भी करते हैं तो लगता है कि शायरी कर रहे हैं उन्होंने अभी कहा कि मेरे लफ़्ज़ों को पनाह मिल गई। इनका लिखा हुआ हम पढ़ते सुनते हैं तो लगता है कि यह बात अब तक समझ मे क्यों नही आई। अनूप जलोटा को बधाई कि उनके शिष्य सुमित ने यह मुकाम हासिल किया है।

सुमीत टप्पू, जिन्होंने पहले भी भारतीय संगीत जगत में अपने योगदान के लिए प्रशंसा हासिल की है, इस अल्बम को लेकर बेहद रोमांचित हैं। उन्होंने अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा, “गुलज़ार साहब के साथ काम करना किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। वह साहित्य के क्षेत्र में एक महान व्यक्ति के रूप में खड़े हैं, जिन्हें महानतम कवियों में से एक माना जाता है। उनके भावपूर्ण शब्द मुझमें गहराई से समाए हैं, जिन्होंने कविता के प्रति मेरी समझ और प्रशंसा को आकार दिया है। उनकी गहरी और जटिल कविताओं को अपनी आवाज़ देने का मौका न सिर्फ मेरे लिए एक प्रोफेशनल के रूप में यादगार है, बल्कि एक ऐसा सम्मान है जो शब्दों से परे है। उनके साथ जुड़ने से मुझे एक ऐसी विरासत से जुड़ने का मौका मिला है जिसने अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ है।”

सुमीत टप्पू ने पंडित भवदीप जयपुरवाले की कम्पोज़िशन और संगीत निर्देशन की भी प्रशंसा की। “अल्बम में भवदीप जी की कम्पोज़िशन और संगीत निर्देशन बेहतरीन है। सातों ट्रैक अलग अलग राग में तैयार किए गए हैं, जो एक बेमिसाल नज़रिए, शैली और संगीत प्रस्तुति को ज़ाहिर करते हैं। मुझे विश्वास है कि संगीत प्रेमी इस अल्बम की गहराई से सराहना करेंगे।”

पंडित भवदीप जयपुरवाले, जिनका गुलज़ार साहब के साथ 25 साल का ताल्लुक रहा है, एक बार फिर दिग्गज के साथ सहयोग करने को लेकर रोमांचित हैं। “महान गुलज़ार साहब के साथ काम करना हमेशा से हर संगीतकार का सपना रहा है, और ‘दिल परेशान करता है’ के साथ, वह सपना सच हो गया है। उनकी विनम्रता और अपने काम के प्रति समर्पण वाकई प्रेरणादायक होती है। यह एल्बम हमारे सहयोग के 25 साल पूरे होने का जश्न भी मनाता है, जिसकी शुरुआत 1999 में एल्बम ‘वादा’ से हुई थी, जिसे मैंने संगीतबद्ध किया था। सुमीत के साथ काम करना एक खुशी की बात है। संगीत के बारे में उनकी गहरी समझ और की मैं दिल से प्रशंसा करता हूँ। सुमीत ने अपनी मधुर आवाज़ से इन गीतों में जान डाल दी है। ‘दिल परेशान करता है’ के लिए कम्पोज़र और संगीतकार के रूप में योगदान देना खुशी की बात है।”

गुलज़ार, भारतीय साहित्य और सिनेमा जगत के ऐसी प्रतिष्ठित हस्ती हैं, जिन्होंने ऐसे सदाबहार गीत रचे हैं जो हर पीढ़ी के दर्शकों को पसंद आए हैं। गीतों में कहानियों को बुनने की उनकी क्षमता की वजह से कई कलाकारों के लिए वह एक पसंदीदा गीतकार हैं। गुलज़ार के शब्दों को सुमीत टप्पू ने जिस तरह गाया है उस से उम्मीद है कि यह अल्बम पारंपरिक और समकालीन दोनों दौर के श्रोताओं को आकर्षित करेगा।

इस एल्बम के लॉन्च ने प्रशंसकों और इंडस्ट्री के अंदर के लोगों के बीच पहले से ही उत्साह पैदा कर दिया है, और कई लोग इस एल्बम को सुनने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।
यह अद्भुत सहयोग न केवल गुलज़ार की सदाबहार विरासत का जश्न मनाता है, बल्कि पंडित भवदीप जयपुरवाले की असाधारण प्रतिभा को भी प्रदर्शित करता है और संगीत जगत में सुमित टप्पू की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है। इस एल्बम के साथ, गुलज़ार, पंडित भवदीप जयपुरवाले और सुमित टप्पू ने एक यादगार म्यूजिकल अनुभव प्रदान करने का प्रयास किया है।

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