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इनसाइड स्टोरी-2 : अखिलेश यादव के सामने बड़े-बड़े दावे कर रहे थे गौरव सक्सेना, कलीमुद्दीन ने सपा सुप्रीमो के सामने ही कर डाली फजीहत, पढ़ें लखनऊ की बैठक में क्या-क्या हुआ बरेली शहर विधानसभा सीट को लेकर?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
पिछले दिनों समाजवादी पार्टी की लखनऊ में आयोजित बरेली जिले के पदाधिकारियों की बैठक कई मायनों में अहम रही। लोकसभा चुनाव की समीक्षा के बहाने पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बरेली के पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं की नब्ज टटोली। पार्टी के विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि बैठक के दौरान शहर बरेली विधानसभा सीट का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इसी मुद्दे पर चल रही रायशुमारी के बीच बरेली नगर निगम में सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना अपनी फजीहत करा बैठे। उनकी फजीहत करने वाले कोई और नहीं बल्कि पार्टी के प्रदेश सचिव मोहम्मद कलीमुद्दीन रहे।
सूत्रों ने बताया कि जब पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शहर विधानसभा सीट को लेकर बरेली के नेताओं की राय जाननी चाही तो ज्यादातर नेताओं ने एक सुर में कहा कि शहर सीट डेड सीट है इसलिए इसे कांग्रेस को दे दिया जाना चाहिए। इस पर मोहम्मद कलीमुद्दीन ने ऐतराज जताया और कहा कि जिस विधानसभा सीट पर एक लाख सत्तर हजार मुस्लिम वोट हों वो सीट समाजवादी पार्टी के लिए डेड सीट कैसे हो सकती है। इस पर पार्षद शमीम अहमद खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि शहर विधानसभा सीट पर ऐसे उम्मीदवार को टिकट देना चाहिए जो कम से कम बीस से पच्चीस हजार हिंदू वोट हासिल करने का दम रखता हो।
सूत्र बताते हैं कि शमीम अहमद के इतना कहते ही गौरव सक्सेना खड़े हो गए और मौका देख चौका मारने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बरेली शहर विधानसभा सीट पर लगभग सत्तर हजार कायस्थ वोट है। अगर पार्टी उन्हें टिकट दे तो कम से कम पच्चीस हजार कायस्थ वोट उन्हें मिल जाएगा और वह शहर विधानसभा सीट जीतकर सपा सुप्रीमो की झोली में डाल देंगे। कलीमुद्दीन यह सब देख रहे थे और गौरव सक्सेना के दावों को चुपचाप सुन रहे थे। लेकिन बात जब हद से आगे बढ़ गई तो कलीमुद्दीन के बर्दाश्त की इंतेहां हो गई और वह फिर से खड़े हो गए। फिर क्या था उन्होंने गौरव सक्सेना की फजीहत करनी शुरू कर दी। उन्होंने अखिलेश यादव के सामने ही गौरव सक्सेना को विगत नगर निगम चुनाव की याद दिला दी। इस चुनाव में गौरव सक्सेना बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। कलीमुद्दीन ने कहा कि जिस आदमी ने पार्षद का चुनाव इस डर से पार्टी के सिंबल पर नहीं लड़ा कि अगर वह समाजवादी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे तो चुनाव हार जाएंगे, वह शख्स पार्टी के सिंबल पर विधानसभा चुनाव क्या खाक जीतेगा। इसके बाद गौरव सक्सेना और उनके समर्थक नेताओं के चेहरे लटक गए।
बता दें कि मोहम्मद कलीमुद्दीन ने पिछले विधानसभा चुनाव में शहर विधानसभा सीट से सपा के टिकट के लिए पुरजोर तरीके से दावेदारी की थी लेकिन पार्टी ने उनकी जगह राजेश अग्रवाल को टिकट दे दिया जो लगभग 18 हजार वोटों से चुनाव हार गए थे।

बैठक के दौरान अखिलेश यादव से हाथ मिलाते मोहम्मद कलीमुद्दीन।

कलीमुद्दीन ने अखिलेश यादव को यह भी बताया कि उन्होंने पिछली बार शहर विधानसभा सीट पर नौ हजार नए वोट बनाए थे। इसकी गवाही महानगर अध्यक्ष ने भी दी। इस पर अखिलेश यादव ने कलीमुद्दीन की तारीफ की और कहा कि सपा नेताओं को कलीमुद्दीन की तरह ही काम करना चाहिए। साथ ही कलीमुद्दीन की इस मेहनत के लिए सभी से तालियां बजाकर उत्साहवर्धन करने की अपील की। इसके बाद पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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