देश

भाजपा नेता और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के ऑफिस पर फेंके 15 बम, एक दर्जन से अधिक गोलियां बरसाईं, जानिए क्या है पूरा मामला?

Share now

कोलकाता। लोकसभा के पूर्व सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में उनके कार्यालय सह आवास पर लोगों के एक समूह ने पथराव किया, बम फेंके और गोलियां चलाईं। सिंह ने दावा किया कि घटना के दौरान उन्हें छर्रे से चोट लगी है। सिंह ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सुबह, जब हर कोई नवरात्र पूजा में व्यस्त था तब एनआईए मामलों में आरोपी और स्थानीय पार्षद के बेटे नमित सिंह के संरक्षण में कई जिहादियों और गुंडों ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में मेरे कार्यालय सह निवास ‘मजदूर भवन’ पर हमला किया।” सिंह ने पोस्ट के साथ ही एक वीडियो भी साझा किया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने खुलेआम हथियार लहराए और इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा, ‘‘करीब 15 बम फेंके गए और इन लोगों ने एक दर्जन से अधिक गोलियां चलाईं।” ‘पीटीआई-भाषा’ सिंह द्वारा साझा किए गए वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकता। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि बम फेंके जाने के कारण जगतदल के मेघना मोड़ में धुआं भर गया। जगतदल पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अतिरिक्त बलों के साथ जांच के लिए घटनास्थल पर हैं। सिंह पहले तृणमूल कांग्रेस में थे लेकिन बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। आम चुनावों में वह तृणमूल कांग्रेस के पार्थ भौमिक से हार गए थे। इस बीच जगतदल से विधायक सोमनाथ श्याम ने दावा किया कि सिंह ने ही चार गोलियां चलाई हैं। श्याम ने कहा, ‘‘अपनी राजनीतिक पकड़ खोने के बाद वह उन समस्याओं के लिए तृणमूल को दोषी ठहरा रहे हैं जो उन्होंने खुद पैदा की हैं…।” भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सुबह, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी से जुड़े प्रमुख गुंडों और जाने-माने असामाजिक तत्वों ने उत्तर 24 परगना जिले के भाटपारा में वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के घर पर हमला किया। उन्होंने देसी बम भी फेंके। हमेशा की तरह पुलिस मूकदर्शक बनी रही और अपराधियों को रोकने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया।” भाजपा नेता ने कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वीडियो फुटेज ही काफी है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजीपी कम से कम इन बदमाशों को पकड़ने के लिए विजुअल का इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे।”

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *