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संभल हिंसा: प्रदर्शनकारियों से होगी नुकसान की वसूली, ‘पत्थरबाजों’ के पोस्टर लगाए जाएंगे, पढ़ें सरकार के बड़े फैसले

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नीरज सिसौदिया, लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार संभल में हाल ही में हुई हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से करेगी और ‘पत्थरबाजी’करने वालों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगवाए जाएंगे। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। संभल पुलिस ने बुधवार को हिंसा में शामिल कई लोगों की तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में नौ लोगों की पहचान की गई है और लोगों से उन लोगों की पहचान करने में मदद मांगी गई है जिनके चेहरे ढके हुए हैं। संभल शहर के मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित जामा मस्जिद के पिछले रविवार को हो रहे सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान हुए पथराव में सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान हुआ था। यह सर्वेक्षण एक याचिका पर कराया गया है जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद से पहले उक्त स्थान पर हरिहर मंदिर था।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया, ‘‘प्रदेश सरकार संभल में हुई हिंसा में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। पत्थरबाजों और उपद्रवियों के पोस्टर जगह-जगह लगाए जाएंगे और उनसे नुकसान की वसूली की जाएगी। उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को इनाम भी दिया जा सकता है।” पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मस्जिद पर भी पथराव किया गया। पुलिस वाहन, ट्रांसफार्मर, बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए। संबंधित विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।” उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मवीर प्रजापति और नरेंद्र कश्यप दोनों ने दोहराया कि दंगाइयों से सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई कराई जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने वर्ष 2020 में भी इसी तरह की एक पहल में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा के आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगवाए थे। ये पोस्टर राज्य की राजधानी सहित कई स्थानों पर लगाए गए थे, लेकिन बाद में अदालत के आदेश पर उन्हें हटा दिया गया था। पुलिस ने अबतक 25 लोगों को गिरफ्तार किया है और सात प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क, पार्टी के स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल नामजद हैं जबकि 2,750 से अधिक अज्ञात संदिग्ध हैं। मामले की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने सोमवार को कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ‘अशांति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’

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