झारखण्ड

झारखंड विधानसभा के पहले सत्र को राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया संबोधित, कहा-केंद्र और राज्य के आपसी सहयोग से झारखंड का विकास संभव, पढ़ें और क्या-क्या बोले राज्यपाल

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नीरज सिसौदिया, रांची
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने बुधवार को कहा कि केंद्र और राज्य के आपसी सहयोग से ही प्रदेश के लोगों का सर्वांगीण विकास संभव है। गंगवार ने झारखंड विधानसभा के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि नवनिर्वाचित सरकार संघीय ढांचे की स्वस्थ परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी। गंगवार ने कहा, ‘‘केंद्र और राज्य के आपसी सहयोग से ही प्रदेश के लोगों का सर्वांगीण विकास संभव है। हम सभी इस विश्वास के पक्षधर हैं। हमारी सरकार संघीय ढांचे की स्वस्थ परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी।” उन्होंने सदस्यों से लोगों की भावनाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने एक मजबूत और स्थिर सरकार के लिए अपना जनादेश दिया है। वंचितों को विशेष महत्व देते हुए सरकार सभी को समान अधिकार और सुरक्षा देने और हर दहलीज तक समृद्धि लाने के लिए प्रतिबद्ध है।” गंगवार ने कहा कि झारखंड का केंद्र सरकार और उसकी कंपनियों के पास बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये वापस पाने के लिए सरकार कानूनी रास्ता अपनाएगी। राज्यपाल ने कहा कि पिछली विधानसभा में सरकार ने ओबीसी का कोटा बढ़ाकर 27 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति का 28 प्रतिशत और अनुसूचित जाति का 12 प्रतिशत करने के साथ ही सरना धार्मिक संहिता का प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक को मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा गया है, जो फिलहाल गृह मंत्रालय के पास है। सरकार इसे मंजूरी दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।” राज्यपाल ने कहा कि सरकार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, मनरेगा मजदूरों को 350 रुपये न्यूनतम मजदूरी, 500 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, 4500 पंचायत स्तरीय मॉडल स्कूल, प्रत्येक ब्लॉक में डिग्री कॉलेज और किंडरगार्टन से पीएचडी तक मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि लिफ्ट सिंचाई परियोजना को आगे बढ़ाते हुए 10,000 करोड़ रुपये की योजनाएं शुरू की जाएंगी। राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा लगभग 60,000 शिक्षकों, 15,000 प्रधानाध्यापकों, 10,000 भाषा शिक्षकों, 2,500 क्लर्क और 10,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य में मदरसा बोर्ड, अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड और उर्दू अकादमी का गठन किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक जिले में एक खेल विश्वविद्यालय, बहुउद्देशीय स्टेडियम-सह-खेल प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रत्येक संभाग में एक खेल उत्कृष्टता केंद्र खोला जाएगा। गंगवार ने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि समृद्ध और प्रगतिशील झारखंड के निर्माण के लिए सभी लोग पूरी लगन से काम करेंगे। चार दिवसीय विधानसभा सत्र सोमवार को शुरू हुआ जो बृहस्पतिवार को समाप्त होगा। सत्र के पहले दो दिन सभी 81 सदस्यों ने शपथ ली और सदन के लिए नए अध्यक्ष का चुनाव हुआ।

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