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सर्द मौसम में हमदर्द बने डॉक्टर अनीस बेग, जरूरतमंदों को तीन दिन से बांट रहे जैकेट, आज बिहारीपुर में बांटेंगे जैकेट, महिलाएं बोलीं- अनीस बेग जैसे लोग ही गरीबों के लिए कुछ कर सकते हैं, पढ़ें क्या है पूरा अभियान और क्यों अनीस बेग बन गए जरूरतमंदों की उम्मीद?

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नीरज सिसौदिया, बरेली

जब ठंड अपने चरम पर हो और गरीब व मजदूर तबके के लिए रोजमर्रा की जिंदगी और भी मुश्किल हो जाती है, ऐसे समय में अगर कोई मदद के लिए आगे आता है तो वह सिर्फ सहायता नहीं करता, बल्कि लोगों के दिलों में उम्मीद भी जगाता है। बरेली शहर के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ और समाजवादी पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉक्टर अनीस बेग इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। उन्होंने लगातार तीन दिनों तक कैंट विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के बीच जाकर जैकेट वितरित कीं और कड़ाके की ठंड में उन्हें राहत पहुंचाई। आज बिहारीपुर की वाल्मीकि बस्ती में जैकेट वितरित की जाएंगी।

डॉक्टर अनीस बेग ने यह सामाजिक अभियान 24 दिसंबर से शुरू किया। पहले दिन उन्होंने कटरा चांद खां इलाके में जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं और बच्चों को जैकेट वितरित की। दूसरे दिन देर रात करीब नौ बजे वे युगवीणा लाइब्रेरी के पास के इलाके में पहुंचे, जहां सड़क किनारे रहने वाले और मजदूरी करने वाले परिवारों के बच्चों व महिलाओं को गर्म जैकेट दी गईं। तीसरे दिन यह अभियान सुभाष नगर के वीरभट्टी इलाके तक पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर तबके के लोग रहते हैं। तीन दिनों तक चले इस अभियान में सैकड़ों जरूरतमंदों को ठंड से बचाव के लिए जैकेट मिलीं।

डॉक्टर अनीस बेग केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने वाले संवेदनशील इंसान के रूप में भी जाने जाते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ होने के नाते वे वर्षों से बच्चों की सेहत को लेकर काम कर रहे हैं और गरीब परिवारों के बच्चों का अक्सर नि:शुल्क या कम खर्च में इलाज करते रहे हैं। यही वजह है कि जब उन्होंने ठंड के मौसम में गरीबों की परेशानी देखी तो वे खुद उनके बीच पहुंचे और मदद करने का फैसला लिया।

इस मौके पर डॉक्टर अनीस बेग ने कहा कि पहले उनका विचार जरूरतमंदों को कंबल वितरित करने का था, लेकिन जब उन्होंने जमीनी हकीकत को समझा तो उन्हें लगा कि कंबल केवल घर के भीतर ही उपयोगी होता है। गरीब और मजदूर तबके के लोग ऐसे होते हैं जिन्हें रोजी-रोटी के लिए सुबह से शाम तक घर से बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में जैकेट ज्यादा उपयोगी साबित हो सकती है, जिसे वे पहनकर अपने काम पर भी जा सकते हैं और घर में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने कंबल की जगह जैकेट वितरण का निर्णय लिया।

डॉक्टर अनीस बेग ने बताया कि जैकेट का इस्तेमाल घर और बाहर दोनों जगह किया जा सकता है, जिससे जरूरतमंदों को ज्यादा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही उनका मुख्य उद्देश्य है और यह सेवा कार्य आगे भी लगातार जारी रहेगा। उनका मानना है कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी ठंड, भूख या बीमारी के कारण परेशान न रहे।

जैकेट वितरण के दौरान महिलाओं और बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। कड़ाके की ठंड में जब उन्हें गर्म जैकेट मिली तो उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई। कई महिलाओं ने भावुक होकर डॉक्टर अनीस बेग का शुक्रिया अदा किया। महिलाओं का कहना था कि इस भीषण ठंड में जैकेट बांटकर डॉक्टर अनीस बेग ने बहुत पुण्य का काम किया है। उनका कहना था कि ऐसे लोग ही असली जनसेवक होते हैं, जो बिना किसी भेदभाव के गरीब और जरूरतमंदों की मदद करते हैं।

महिलाओं और स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि डॉक्टर अनीस बेग को वे वर्षों से समाजसेवा करते हुए देख रहे हैं। कभी बच्चों का इलाज, कभी गरीबों की मदद और कभी जरूरतमंदों के लिए इस तरह के अभियान—डॉक्टर अनीस बेग हमेशा आगे रहते हैं। लोगों का मानना है कि अगर भविष्य में डॉक्टर अनीस बेग कैंट विधानसभा सीट से विधायक बनते हैं तो क्षेत्र की जनता के लिए जरूर कुछ बेहतर करेंगे, खास तौर पर गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों के लिए।

गौरतलब है कि डॉक्टर अनीस बेग कैंट विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार भी माने जा रहे हैं। हालांकि, वे इस समय राजनीति से ज्यादा समाजसेवा पर ध्यान देते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि राजनीति का असली मतलब भी जनता की सेवा ही है और अगर सेवा के भाव से काम किया जाए तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर अनीस बेग जैसे लोग राजनीति में आएं तो जनता की समस्याओं को सही मायनों में समझा जा सकता है। वे एक डॉक्टर होने के साथ-साथ जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और आम लोगों की परेशानियों को करीब से जानते हैं। यही वजह है कि लोग उनसे काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

जैकेट वितरण अभियान के दौरान डॉक्टर अनीस बेग खुद हर परिवार से मिले, बच्चों से बातचीत की और महिलाओं का हालचाल जाना। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी हो तो वे बेझिझक उनसे संपर्क कर सकते हैं। यह पहल सिर्फ ठंड से राहत देने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह एक संदेश भी था कि समाज में इंसानियत और आपसी सहयोग अभी जिंदा है।

कुल मिलाकर, डॉक्टर अनीस बेग का यह तीन दिवसीय जैकेट वितरण अभियान न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि समाज के दूसरे लोगों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आया। कड़ाके की ठंड में गरीब महिलाओं और बच्चों के बीच जाकर जैकेट बांटना एक ऐसा काम है, जो दिल से किया गया प्रयास दिखता है। यही वजह है कि आज कैंट विधानसभा क्षेत्र में डॉक्टर अनीस बेग की चर्चा सिर्फ एक डॉक्टर या नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी के रूप में हो रही है।

लोगों को उम्मीद है कि डॉक्टर अनीस बेग आगे भी इसी तरह समाजसेवा के कार्य करते रहेंगे और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। ठंड के इस मौसम में उनका यह प्रयास निस्संदेह सराहनीय है और समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है।

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