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15 फरवरी के बाद मिलेगा बरेली सपा को नया जिला अध्यक्ष, पाल, साहू और लोधी समाज में से ही कोई एक बनेगा सपा का चेहरा, जानिये क्यों बढ़ रहा इंतजार और कौन हो सकता है नया जिला अध्यक्ष?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के बरेली जिला अध्यक्ष को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में लगातार उत्सुकता बनी हुई है, लेकिन फिलहाल यह इंतजार और लंबा होता नजर आ रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो अभी समाजवादी पार्टी किसी भी हाल में जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहती। इसलिए 15 फरवरी से पहले नए जिला अध्यक्ष के नाम का ऐलान होने की संभावना बहुत कम है। यहां तक कि यह मामला होली तक भी टल सकता है।
इस देरी के पीछे सबसे बड़ा कारण संसद का बजट सत्र बताया जा रहा है। 28 जनवरी से संसद के बजट सत्र का पहला चरण शुरू हो चुका है, जो 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित पार्टी के तमाम बड़े नेता दिल्ली में व्यस्त रहेंगे। बजट सत्र के चलते पार्टी का पूरा फोकस राष्ट्रीय राजनीति और संसद की कार्यवाही पर रहेगा। ऐसे में संगठन से जुड़े अहम फैसलों पर चर्चा और निर्णय फिलहाल टाल दिए गए हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जब तक बजट सत्र खत्म नहीं हो जाता, तब तक जिला अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर फैसला लेना व्यावहारिक नहीं होगा।
बजट सत्र के समाप्त होने के बाद ही पार्टी के भीतर जिला अध्यक्ष के नामों को लेकर मंथन शुरू होगा। इस मंथन में संभावित दावेदारों के नामों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और फिर अंतिम नाम पर मुहर लगेगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया अपने आप में समय लेने वाली होती है। बजट सत्र के बाद भी कम से कम 10 से 15 दिन केवल विचार-विमर्श में लग सकते हैं।
देरी की दूसरी बड़ी वजह यह है कि इस बार जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की संख्या काफी ज्यादा हो गई है। कई नेता इस पद की दौड़ में शामिल हैं और सभी अपने-अपने स्तर पर संगठन में सक्रियता दिखा रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती यह है कि वह ऐसा चेहरा चुने जो संगठन को मजबूती दे सके और आने वाले चुनावों में पार्टी को फायदा पहुंचा सके। सभी दावेदारों की राजनीतिक पकड़, सामाजिक आधार, संगठन में भूमिका और जनता के बीच छवि का आकलन किया जा रहा है।
इसके अलावा फरवरी के आखिर और मार्च की शुरुआत में होली का त्योहार भी है। होली के दौरान पार्टी का संगठनात्मक कामकाज आमतौर पर धीमा पड़ जाता है। त्योहारों को ध्यान में रखते हुए भी माना जा रहा है कि नए जिला अध्यक्ष की घोषणा होली से ठीक पहले या फिर उसके बाद ही की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी इस बार भी बरेली में जिला अध्यक्ष पद के लिए पिछड़े समाज के किसी नेता को मौका देने की तैयारी में है। खास बात यह है कि पार्टी ऐसे समाज को प्रतिनिधित्व देना चाहती है जिसे अब तक इस पद पर अवसर नहीं मिला है। बरेली जिले में इस श्रेणी में तीन प्रमुख समाज सामने आ रहे हैं। इनमें लोधी समाज, साहू समाज और पाल समाज शामिल हैं।
लोधी समाज की ओर से महानगर सचिव महेंद्र सिंह लोधी का नाम चर्चा में है। पार्टी के भीतर उन्हें एक अनुभवी और संगठन से जुड़े नेता के रूप में देखा जा रहा है। वहीं साहू समाज से युवा नेता कमल साहू को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कमल साहू की संगठन में सक्रियता और युवाओं के बीच पकड़ को पार्टी गंभीरता से देख रही है। पाल समाज की ओर से अभी कोई बड़ा नाम खुलकर सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस समाज से भी एक-दो नामों पर अंदरखाने चर्चा चल रही है।
हालांकि, पार्टी पूरी तरह से यादव समाज को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है। यादव समाज से भी कुछ नेता वैकल्पिक रूप में बने हुए हैं। इनमें वीरपाल यादव, संजीव यादव, शुभलेश यादव और अरविंद यादव जैसे नाम शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व यह भी देख रहा है कि यादव समाज के किस नेता को संगठन में किस भूमिका में आगे बढ़ाया जाए।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पार्टी एक आंतरिक सर्वे भी करा रही है। इस सर्वे के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कौन सा दावेदार जमीनी स्तर पर ज्यादा मजबूत है, कौन संगठन को बेहतर ढंग से चला सकता है और किसकी छवि साफ-सुथरी है। पार्टी की प्राथमिकता उसी नेता को जिला अध्यक्ष बनाने की होगी, जो न केवल संगठन में संतुलन बना सके, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में सक्षम हो।
कुल मिलाकर, बरेली समाजवादी पार्टी को नया जिला अध्यक्ष मिलने में अभी कम से कम एक महीने का समय और लग सकता है। पार्टी नेतृत्व कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहता, क्योंकि आने वाले समय में जिला अध्यक्ष की भूमिका संगठन और चुनावी रणनीति दोनों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में बरेली की राजनीति में नया चेहरा कौन होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं और इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है।

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