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सपा में जिला अध्यक्ष को लेकर मंथन तेज, लोधी समाज के समर्थन से महेंद्र सिंह लोधी सबसे मजबूत दावेदार, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव और लोधी संगठन उतरा समर्थन में, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को लिखा पत्र

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नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी में बरेली जिला अध्यक्ष पद को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हाल ही में शिवचरण कश्यप को जिला अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पार्टी संगठन नए नेतृत्व की तलाश में जुट गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इस बार समाजवादी पार्टी की रणनीति साफ है, पिछड़े समाज से आने वाले किसी ऐसे गैर-यादव नेता को कमान सौंपी जाए, जो संगठन को नई ऊर्जा दे सके और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी को मजबूत कर सके। इस कसौटी पर महानगर सचिव महेंद्र सिंह लोधी राजपूत सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
महेंद्र सिंह लोधी के पक्ष में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लगातार समर्थन पत्र भेजे जा रहे हैं। ताज़ा तौर पर दो अलग-अलग पत्र सामने आए हैं, जिनमें लोधी समाज के प्रमुख संगठनों और नेताओं ने उन्हें बरेली का जिला अध्यक्ष बनाए जाने की जोरदार मांग की है। खास बात यह है कि इन दो पत्रों से पहले भी दो अन्य लोधी संगठनों ने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर महेंद्र सिंह लोधी के नाम का समर्थन कर चुके हैं। यानी अब तक कुल चार पत्र राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच चुके हैं, जो लोधी समाज की एकजुट मांग को दर्शाते हैं। वहीं, स्थानीय युवा और समाज के लोग भी लगातार महेंद्र सिंह लोधी को जिला अध्यक्ष बनाने के लिए एकजुट होते नजर आ रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनके नेता को इस बार अखिलेश यादव जरूर जिले की कमान सौंपेंगे।
पहला पत्र समाजवादी पार्टी की महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव और मीरगंज विधानसभा सीट से दावेदार साधना सिंह लोधी राजपूत की ओर से भेजा गया है। अपने पत्र में उन्होंने महेंद्र सिंह लोधी को एक जिम्मेदार, सक्रिय और जमीनी नेता बताते हुए लिखा है कि वह वर्तमान में समाजवादी पार्टी के महानगर सचिव हैं और पार्टी के हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। चाहे पीडीए पंचायत हो या एसआईआर से जुड़ा कोई कार्यक्रम, महेंद्र सिंह लोधी की मौजूदगी हमेशा सक्रिय रही है। साधना सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि महेंद्र सिंह लोधी ने लोधी समाज को भारतीय जनता पार्टी से तोड़कर समाजवादी पार्टी से जोड़ने का बड़ा काम किया है।
साधना सिंह लोधी का कहना है कि यदि महेंद्र सिंह लोधी को बरेली का जिला अध्यक्ष बनाया जाता है, तो इसका प्रभाव केवल जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे बरेली मंडल में समाजवादी पार्टी को इसका सीधा राजनीतिक लाभ मिलेगा। उनके अनुसार, लोधी समाज का बड़ा तबका पहले ही समाजवादी पार्टी की ओर झुक चुका है और नेतृत्व मिलने के बाद यह झुकाव और मजबूत होगा।
दूसरा पत्र सी.एल. लोधी की ओर से लिखा गया है, जो लक्ष्य शिक्षा प्रसार एवं राहत कोष फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं और राष्ट्रीय संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने महेंद्र सिंह लोधी राजपूत को साफ-सुथरी छवि वाला, प्रतिभावान और सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाला नेता बताया है। अपने पत्र में सी.एल. लोधी ने उल्लेख किया है कि वर्ष 2021 से पहले समाजवादी पार्टी में बरेली के लोधी समाज की भागीदारी लगभग नगण्य थी, लेकिन महेंद्र सिंह लोधी के प्रयासों से बड़ी संख्या में लोधी समाज के लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े।
पत्र में यह भी दावा किया गया है कि वर्तमान समय में लोधी समाज के बीच समाजवादी पार्टी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और इसका श्रेय काफी हद तक महेंद्र सिंह लोधी को जाता है। सी.एल. लोधी का मानना है कि यदि महेंद्र सिंह लोधी को जिला अध्यक्ष बनाया जाता है, तो न केवल लोधी समाज और बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी से जुड़ेगा, बल्कि मीरगंज और आंवला विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का वर्षों पुराना राजनीतिक वर्चस्व भी चुनौती के घेरे में आ जाएगा।
दरअसल, समाजवादी पार्टी इस समय बरेली में सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी नेतृत्व को यह महसूस हो रहा है कि केवल यादव वोट बैंक के भरोसे चुनावी सफलता संभव नहीं है। इसी वजह से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को ज़मीनी स्तर पर और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। बरेली जैसे जिले में, जहां लोधी समाज की अच्छी-खासी आबादी है, वहां इस समाज से आने वाले किसी प्रभावशाली नेता को जिला अध्यक्ष बनाना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद माना जा रहा है।
महेंद्र सिंह लोधी की सबसे बड़ी ताकत यही मानी जा रही है कि वे गैर-यादव पिछड़ा वर्ग से आते हैं और संगठन के भीतर लंबे समय से सक्रिय हैं। वे न केवल पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद स्थापित करने में भी सफल रहे हैं। पार्टी के कई स्थानीय नेताओं का कहना है कि महेंद्र सिंह लोधी का व्यवहार सरल है और उनकी छवि एक ऐसे नेता की है, जो कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।
शिवचरण कश्यप को जिला अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद संगठन में जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भरने के लिए पार्टी किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो न केवल संगठन को संभाल सके, बल्कि आगामी चुनावों में पार्टी को निर्णायक बढ़त दिलाने में भी सक्षम हो। ऐसे में लोधी समाज के संगठनों का एक के बाद एक समर्थन पत्र आना, यह संकेत देता है कि महेंद्र सिंह लोधी को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह मजबूत माहौल बन चुका है।
हालांकि अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को ही लेना है, लेकिन जिस तरह से लगातार पत्रों के माध्यम से समर्थन जुटाया जा रहा है, उससे यह साफ है कि महेंद्र सिंह लोधी का नाम अब केवल एक दावेदार भर नहीं रह गया है। वे धीरे-धीरे बरेली जिला अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत विकल्प के रूप में उभरते जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि समाजवादी पार्टी लोधी समाज के इस दबाव और समर्थन को नजरअंदाज करती है, तो पार्टी को इसका नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। वहीं, यदि महेंद्र सिंह लोधी को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो यह न केवल संगठनात्मक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक संतुलन और चुनावी रणनीति के लिहाज से भी समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

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