नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली की राजनीति इन दिनों तेजी से करवट लेती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पद को लेकर चल रही हलचल अब खुलकर सामने आ गई है। इस दौड़ में महेंद्र सिंह लोधी राजपूत का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। उनके समर्थन में न सिर्फ लोधी समाज के विभिन्न संगठन सक्रिय हो गए हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उन्हें अध्यक्ष बनाने की मांग जोर पकड़ चुकी है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह सिर्फ एक पद की लड़ाई नहीं, बल्कि बरेली के सियासी समीकरणों को बदलने वाली पहल साबित हो सकती है।
कुछ दिन पहले लोधी समाज से जुड़े योगेश राजपूत ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ महेंद्र सिंह लोधी की तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाया कि जब बरेली में करीब तीन लाख लोधी वोट हैं, तो फिर पार्टी इस समाज को नेतृत्व की जिम्मेदारी क्यों नहीं देती। उन्होंने लिखा कि समाज को साथ जोड़ना है तो भरोसा भी दिखाना होगा और जिम्मेदारी भी देनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समाज को नजरअंदाज करना लंबे समय में नुकसानदेह साबित होता है।
उन्होंने लिखा, ”ये हैं लोधी महेंद्र सिंह राजपूत महानगर सचिव समाजवादी पार्टी बरेली, बरेली में जिलाध्यक्ष के लिए आवेदन किया है समाजवादी पार्टी से, इस वक्त बरेली की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी गई है लेकिन अब सवाल यह उठता है कि बरेली में 3 लाख वोट लोधियों का है लेकिन समाजवादी पार्टी लोधी वोट को अपने साथ जोड़ना चाहती है तो आखिर क्यों समाज को जिम्मेदारी नहीं दे रही है..!! कई वरिष्ठ समाजवादी नेताओं से मैं मिला हूं और जब भी समाज के लोगों को टिकट देने या पार्टी में अहम जिम्मेदारी देने की बात आती है तो एक ही बात सामने आती है कि सपा को लोधियों पर भरोसा नहीं है तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि किसी भी समाज को नेग्लेट कर देना हानिकारक होता है। भरोसा भी करना पड़ेगा, जिम्मेदारी भी देनी पड़ेगी, तभी समाज आपके साथ जुड़ेगा..
मैं मांग करता हूं कि जिला अलीगढ़ और जिला बरेली पर लोधी समाज को जिम्मेदारी दो जिससे समाज भी आप पर भरोसा कर सके..!!”

योगेश की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। यशपाल राजपूत ने लिखा कि अगर पार्टी महेंद्र सिंह लोधी को मौका देती है तो सिर्फ बरेली ही नहीं, आसपास की सीटों पर भी फायदा होगा। एडवोकेट दुर्गा प्रसाद लोधी ने भी कहा कि पार्टी को लोधी समाज का वोट तो चाहिए, लेकिन जिम्मेदारी देने में हिचकिचाहट दिखाई देती है। कई अन्य लोगों ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी समाज को प्रतिनिधित्व मिला है, उसने बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी तरह हरीश कुमार लोधी, उदयभान सिंह राजपूत, कन्हैया लाल लोधी,कुमार लोधी विनोद राजपूत सहित सैकड़ों लोगों ने महेंद्र सिंह लोधी राजपूत को समाजवादी पार्टी का बरेली जिला अध्यक्ष बनाने की मांग की। इस तरह की टिप्पणियों से साफ है कि यह मुद्दा अब भावनात्मक और राजनीतिक दोनों रूप ले चुका है।

मामला सिर्फ फेसबुक या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। जानकारी के मुताबिक, लोधी समाज के कई संगठन अब प्रतिनिधिमंडल बनाकर लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहां वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर महेंद्र सिंह लोधी को जिला अध्यक्ष बनाने की मांग रखेंगे। यह कदम बताता है कि समाज इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और औपचारिक रूप से अपनी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना चाहता है।

दिलचस्प बात यह है कि जिला अध्यक्ष पद के अन्य दावेदारों के समर्थन में ऐसा खुला और संगठित अभियान अभी तक नजर नहीं आया है। महेंद्र सिंह लोधी के समर्थक जिस तरह से सक्रिय हैं, वह संकेत देता है कि यह केवल व्यक्तिगत दावेदारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक शक्ति प्रदर्शन भी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर पार्टी इस मांग पर सकारात्मक फैसला लेती है तो इसका असर दूरगामी हो सकता है।
बरेली जिले में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। माना जाता है कि इनमें से कई सीटों पर लोधी समाज का प्रभाव निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यदि यह वोट बैंक पूरी तरह समाजवादी पार्टी के साथ मजबूती से जुड़ जाता है, तो कम से कम सात सीटों पर पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है। यही वजह है कि इस मुद्दे को केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
समाजवादी पार्टी पहले से ही नए सिरे से संगठन को मजबूत करने की कोशिश में है। जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद नई टीम के गठन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में जिला अध्यक्ष का चयन बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। यह फैसला आने वाले चुनावों की दिशा तय कर सकता है। अगर पार्टी सामाजिक संतुलन साधते हुए नेतृत्व का चेहरा तय करती है, तो वह अन्य वर्गों को भी संदेश दे सकती है कि संगठन में सबको जगह मिल सकती है।
कुल मिलाकर, महेंद्र सिंह लोधी राजपूत को जिला अध्यक्ष बनाने की मांग ने बरेली की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह अभियान अब लखनऊ तक पहुंचने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व क्या फैसला लेता है, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है। इतना तय है कि यह मुद्दा केवल एक पद की दावेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संतुलन की बड़ी बहस में बदल चुका है।





