नीरज सिसौदिया, बरेली/लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के साथ बैठक के बाद उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के बूथ स्तरीय चुनावी अभियान के आगाज का ऐलान किया। इसी के साथ वरिष्ठ सपा नेता चंद्रसेन सागर की ‘समाजवादी संदेश यात्रा’ भी शुरू हो गई। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके और बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट से 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे चंद्रसेन सागर की ओर से शुरू की गई इस ‘समाजवादी संदेश यात्रा’ का शुभारंभ सोमवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव** ने ‘महापुरुषों की संदेश यात्रा रथ’ को हरी झंडी दिखाकर किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस मौके पर शिवपाल सिंह यादव ने चंद्रसेन सागर की सराहना करते हुए कहा कि संदेश यात्रा का उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और महापुरुषों के विचारों को आम जनता तक पहुंचाना है। यात्रा के दौरान अलग-अलग वर्गों और समुदायों से जुड़े महापुरुषों के सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय संदेशों के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने, समानता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए यह अभियान अपने आप में अनोखा और प्रेरणादायक है। यात्रा के माध्यम से जनता को समाजवादी पार्टी की विचारधारा से भी अवगत कराया जाएगा।
चंद्रसेन सागर ने बताया कि अलावा अखिलेश यादव की सरकार बनने की स्थिति में जनता के हित में की जाने वाली घोषणाओं के बारे में भी लोगों को जानकारी देने की योजना है। यानी यह यात्रा केवल महापुरुषों के विचारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक और जनसंपर्क अभियान के तौर पर भी देखा जा रहा है।

लखनऊ से चलकर कई जिलों से गुजरेगा रथ
सोमवार को लखनऊ से रवाना हुआ यह संदेश यात्रा रथ कई जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से होते हुए फरीदपुर पहुंचेगा। यात्रा का प्रस्तावित मार्ग काफी लंबा रखा गया है। लखनऊ से रवाना होने के बाद रथ उन्नाव और शुक्लागंज होते हुए कानपुर देहात, औरैया तथा घेवर क्षेत्र पहुंचेगा। घेवर में यात्रा का रात्रि विश्राम प्रस्तावित है। इसके बाद लखना क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नेता अनिल दोहरे के नेतृत्व में लोगों को पार्टी की घोषणाओं और संदेश यात्रा के उद्देश्य की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद यात्रा आगे के लिए रवाना होगी।
रथ इटावा और सैफई होते हुए करहल पहुंचेगा। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से विजयी हुए थे। इसके बाद जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में यात्रा का कार्यक्रम प्रस्तावित है। जसवंतनगर से सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव मौजूदा विधायक हैं। इसके बाद रथ मैनपुरी, कन्नौज और छिबरामऊ होते हुए फर्रुखाबाद की ओर जाएगा। कन्नौज से अखिलेश यादव और मैनपुरी से उनकी पत्नी डिंपल यादव सांसद हैं। इसके बाद यात्रा का मार्ग फर्रुखाबाद से आगे अल्लाहगंज, जलालाबाद और कटरा होते हुए बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट की ओर होगा।

फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के हर गांव-कस्बे में पहुंचने की योजना
यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण चरण फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश के बाद शुरू होगा। चंद्रसेन सागर के अनुसार, रथ फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के हर गांव और कस्बे में भ्रमण करेगा। इस दौरान लोगों से संपर्क कर महापुरुषों, संतों और वीरों के विचारों, जीवनी, वीरगाथाओं समाजवादी पार्टी की विचारधारा और अखिलेश यादव की सरकार से जुड़ी घोषणाओं के बारे में वीडियो के माध्यम से जानकारी साझा की जाएगी।
फरीदपुर क्षेत्र में यात्रा का व्यापक कार्यक्रम इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चंद्रसेन सागर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर क्षेत्र में पहले से सक्रिय हैं। वह दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में संदेश यात्रा को क्षेत्र में उनके जनसंपर्क अभियान के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।
हालांकि यात्रा के आयोजकों की ओर से इसे महापुरुषों के संदेश और समाजवादी विचारधारा को जनता तक पहुंचाने का अभियान बताया गया है, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किसी संभावित प्रत्याशी की ओर से विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव तक पहुंचने वाला अभियान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो जाता है। क्योंकि ऐसा अभियान फरीदपुर में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में अभी तक किसी ने नहीं चलाया है।

शिवपाल यादव की मौजूदगी से मिला राजनीतिक संदेश
यात्रा को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव द्वारा लखनऊ से रवाना किया जाना भी राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के हाथों रथ रवाना होने से चंद्रसेन सागर के अभियान को संगठनात्मक स्तर पर भी महत्व मिलने का संदेश गया है। लखनऊ में यात्रा के शुभारंभ के दौरान बरेली और फरीदपुर क्षेत्र से जुड़े कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें समाजवादी पार्टी के बरेली शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हसीब खान, पूर्व पार्षद आशिक हुसैन, सपा नेता तौकीर अली, फरीदपुर के सपा कार्यकर्ता लाल सिंह यादव, जबर सिंह यादव, सुधीर यादव, पूर्व प्रधान फहीम खान, राजेश पाली, पप्पू सागर, श्रीपाल सिंह यादव, ठाकुर नरेंद्र प्रताप सिंह, राम आसरे लाल दिवाकर, राजकुमार सागर, पप्पू सिंह श्रीवास्तव, अनिल साहू, सुंदर सिंह पाल और तहसीलदार सिंह मौर्य आदि शामिल रहे। इनके अलावा लखनऊ के कई नेता भी मौके पर मौजूद रहे।
इन नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि यात्रा को केवल व्यक्तिगत जनसंपर्क अभियान के बजाय पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी वाले कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
2027 से पहले गांवों तक पहुंच बनाने की कवायद
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं रह गया है। ऐसे में राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों के स्तर पर तैयारियां भी पूरे उफान पर हैं। ऐसे में इस तरह की यात्राएं नेताओं को लगातार जनता के बीच रहने और संगठन को सक्रिय करने का अवसर देती हैं। ऐसे में चंद्रसेन सागर की ओर से शुरू की गई यह यात्रा उनके लिए जनता के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर हो सकती है।
यात्रा के दौरान गांवों और कस्बों में स्थानीय लोगों से संवाद किया जाएगा। इससे क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं, जनता की अपेक्षाओं और राजनीतिक माहौल को समझने में भी मदद मिल सकती है। यदि रथ लंबे समय तक विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में घूमता है तो इसका सीधा फायदा संगठनात्मक संपर्क बढ़ाने में मिल सकता है।
सिर्फ चुनावी यात्रा नहीं, विचारों के प्रसार का दावा
चंद्रसेन सागर ने यात्रा को केवल चुनावी अभियान के तौर पर पेश नहीं किया है। इसमें महापुरुषों के विचारों और सामाजिक एकता को प्रमुख विषय बनाया गया है। यात्रा के माध्यम से सभी जातियों और धर्मों से जुड़े महापुरुषों के विचारों को लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई है।

समाजवादी पार्टी लंबे समय से सामाजिक न्याय, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के मुद्दों को अपनी राजनीति के प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत करती रही है। ऐसे में महापुरुषों के संदेशों को लेकर निकाली जा रही यात्रा के माध्यम से पार्टी की इसी सामाजिक-राजनीतिक विचारधारा को जनता के बीच रखने की कोशिश के रूप में भी इसे देखा जा सकता है।
इसके साथ ही अखिलेश यादव की सरकार से जुड़ी घोषणाओं को जनता तक पहुंचाने का फैसला भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे पार्टी भविष्य की सरकार के एजेंडे को लेकर अभी से मतदाताओं के बीच चर्चा शुरू करना चाहती है।

लंबा सफर, फरीदपुर पर खास नजर
लखनऊ से शुरू होने वाली यह यात्रा कई जिलों और प्रमुख राजनीतिक क्षेत्रों से होकर फरीदपुर पहुंचेगी। उन्नाव, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, सैफई, करहल, जसवंतनगर, मैनपुरी, कन्नौज, छिबरामऊ और फर्रुखाबाद होते हुए यह रथ बरेली जिले की ओर आएगा। यात्रा का यह लंबा रूट समाजवादी पार्टी के उन क्षेत्रों से भी होकर गुजरता है जिन्हें पार्टी की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है। सैफई और इटावा समाजवादी पार्टी के राजनीतिक इतिहास से विशेष रूप से जुड़े रहे हैं। करहल और मैनपुरी भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र हैं।
इन क्षेत्रों से गुजरने के बाद जब रथ फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचेगा तो स्थानीय स्तर पर यात्रा को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। हर गांव और कस्बे तक पहुंचने की योजना इसे सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम की तुलना में अधिक व्यापक जनसंपर्क अभियान बनाती है।

चंद्रसेन सागर के लिए भी शक्ति प्रदर्शन का अवसर
फरीदपुर विधानसभा सीट से 2027 के चुनाव में टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे चंद्रसेन सागर के लिए यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तरफ वह समाजवादी पार्टी की विचारधारा और संभावित सरकार की घोषणाओं को जनता तक पहुंचाने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस अभियान के जरिए क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ दिखाने का अवसर भी उनके सामने है।
यात्रा में स्थानीय सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी से चंद्रसेन सागर को पार्टी के भीतर भी अपने समर्थन का आधार मजबूत करने का मौका मिल सकता है। हालांकि विधानसभा चुनाव में अंतिम टिकट किसे मिलेगा, यह पार्टी नेतृत्व के निर्णय पर निर्भर करेगा, लेकिन टिकट के दावेदारों के बीच शुरुआती दौर में जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता निश्चित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

फिलहाल लखनऊ से शुरू हुई ‘समाजवादी संदेश यात्रा’ ने अपना सफर शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में इसका रुख इटावा, सैफई, मैनपुरी, कन्नौज और फर्रुखाबाद से होते हुए बरेली के फरीदपुर की ओर होगा। फरीदपुर पहुंचने के बाद गांव-गांव और कस्बे-कस्बे में प्रस्तावित भ्रमण इस यात्रा का सबसे बड़ा चरण होगा। ऐसे में देखना होगा कि महापुरुषों के विचारों और समाजवादी घोषणाओं के संदेश के साथ शुरू की गई यह यात्रा 2027 के चुनाव से पहले फरीदपुर की सियासत में चंद्रसेन सागर के लिए कितना राजनीतिक आधार तैयार करती है।




