नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी ने बरेली में बारिश के बाद जगह-जगह हुए भीषण जलभराव पर भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार की स्मार्ट सिटी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।
उन्होंने कहा कि बारिश में बरेली शहर की सड़कें और प्रमुख मार्ग तालाब में तब्दील हो गए हैं लोगों के घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में पानी घुस रहा है। आम जनता को घंटों जलभराव और जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। यह स्थिति स्मार्ट सिटी के दावों की असली तस्वीर जनता के सामने रख रही है।
शमीम खाँ सुल्तानी ने कहा कि नगर निगम प्रशासन पूरी तरह नाकारा साबित हो रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने और स्मार्ट सिटी के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाने के बावजूद जलनिकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई, जिसका खामियाजा बरेली की जनता भुगत रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को विज्ञापनों और कागजी योजनाओं से बाहर निकलकर जमीन पर काम करना चाहिए। बरेली की जनता को स्मार्ट सिटी के नाम पर कागजी विकास नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें बारिश के दौरान शहर जलमग्न न हो।
सपा महानगर अध्यक्ष ने मांग की कि नगर निगम तत्काल जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी की निकासी कराए, नालों की सफाई कराए और भविष्य में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाए।
उन्होंने कहा—भाजपा सरकार के स्मार्ट सिटी के दावे और बरेली की जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। बारिश ने सरकार और नगर निगम के विकास के दावों की पोल खोल दी है।
उन्होंने बताया कि भारी जलभराब के कारण उनके कई कार्यक्रम निरस्त हो गए है वें घर की चारदीवारी में कैद होनें को मजबूर हैं।




