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जहां जरूरत थी, वहीं पहुंचे अनीस बेग, बारिश ने छीनी गरीबों की खुशियां तो बने सहारा, घर-घर जाकर बांट रहे राशन और जरूरी सामान, आर्थिक सहायता के साथ प्रभावित दलित-पिछड़े परिवारों का बांट रहे दर्द

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नीरज सिसौदिया, बरेली

तीन दिन तक लगातार हुई बारिश बरेली के कई गरीब परिवारों की खुशियां बहाकर ले गई। जिन घरों में किसी तरह मेहनत-मजदूरी करके दो वक्त की रोटी जुटाई जाती थी, उन्हीं घरों में घुसे बारिश के पानी ने सब कुछ तबाह कर दिया। चारपाई, बिस्तर, कपड़े, राशन और घर में रखा जरूरी सामान पानी में डूबकर बर्बाद हो गया। दिहाड़ी मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके परिवार चलाने वाले लोगों के सामने बारिश थमने के बाद भी संकट खत्म नहीं हुआ। बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र की राजीव कॉलोनी, शुगर फैक्ट्री और पटेल विहार में बारिश से प्रभावित गरीब परिवारों की यही तस्वीर सामने आई। लगातार बारिश और जलभराव ने इन बस्तियों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। खासकर उन परिवारों के लिए संकट ज्यादा गहरा है, जिनकी आमदनी रोज की मजदूरी या छोटे-मोटे काम पर निर्भर है।


ऐसे मुश्किल वक्त में जब इन परिवारों को सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत थी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बरेली कैंट विधानसभा सीट से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार डॉक्टर अनीस बेग इन गरीब परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने राजीव कॉलोनी, शुगर फैक्ट्री और पटेल विहार की उन बस्तियों का रुख किया, जहां बारिश ने गरीबों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।


डॉक्टर अनीस बेग ने जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की और आर्थिक सहायता भी दी। उन्होंने परिवारों की परेशानियां सुनीं और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने भविष्य में भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।

जब घर में पानी घुसा तो कई दलित और पिछड़ों के परिवारों का चूल्हा भी बुझ गया

इन बस्तियों की तस्वीर किसी को भी विचलित कर सकती है। अनीस बेग ने जब इनके घरों का हाल देखा तो वह भी विचलित हो गए। बारिश का पानी घरों के अंदर तक पहुंचा तो गरीब परिवारों के पास अपने सामान को बचाने का भी कोई रास्ता नहीं था। सबकुछ पानी बर्बाद कर गया। इन प्रभावित परिवारों में बड़ी संख्या दलित और पिछड़े समाज के लोगों की है। बारिश के बाद पैदा हुए इस संकट में उन्हें आर्थिक सहायता के साथ-साथ इस भरोसे की भी जरूरत थी कि कोई उनके साथ खड़ा है। जब कोई नहीं आया तो डॉक्टर अनीस बेग ने इन परिवारों के बीच जाकर मदद का हाथ बढ़ाया।

पानी उतरने का इंतजार, बीमारी का खतरा बरकरार

बारिश थमने के बावजूद इन बस्तियों में मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कई स्थानों पर अब भी बरसाती पानी जमा है। गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। गरीब परिवारों के सामने एक तरफ घर का सामान दोबारा जुटाने की चिंता है तो दूसरी तरफ बच्चों और बुजुर्गों को बीमारी से बचाने की चुनौती।

बारिश से प्रभावित गरीब परिवारों की मदद के लिए डॉक्टर अनीस बेग का इन बस्तियों में लगातार पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक गतिविधियों से अलग हटकर उन्होंने सीधे उन परिवारों के दरवाजे पर पहुंचने का फैसला किया, जिनके घरों में बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई।


स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें इस समय सिर्फ राशन की जरूरत नहीं थी, बल्कि किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जो उनकी परेशानी सुन सके और उनके बीच खड़ा हो। डॉक्टर अनीस बेग ने राशन किट और आर्थिक सहायता देकर तत्काल राहत पहुंचाने की कोशिश की है।

बारिश के बाद राहत को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ सपा और भाजपा नेता गरीब बस्तियों में पहुंचने के बजाय रेजीडेंसी गार्डन जैसे इलाकों में नजर आए, जहां रहने वाले लोगों को ऐसी आर्थिक मदद की जरूरत नहीं थी। सवाल यह है कि जिन परिवारों के घरों में पानी घुस गया, जिनका राशन बर्बाद हो गया और जिनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया, उनकी सुध लेने कौन पहुंचा?
इसके उलट डॉक्टर अनीस बेग लगातार उन गरीब बस्तियों में पहुंच रहे हैं, जहां आज भी समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि जरूरतमंद की मदद किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के नाते होनी चाहिए।

मदद के साथ भरोसा भी दे रहे अनीस बेग

डॉक्टर अनीस बेग की पहल की खास बात यह है कि उन्होंने मदद को केवल राशन बांटने तक सीमित नहीं रखा। वह प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और आगे भी मदद का भरोसा दे रहे हैं। बारिश ने जिन परिवारों के घरों से खुशियां छीन लीं, उनके लिए किसी का दरवाजे तक आना और यह कहना कि ‘आप अकेले नहीं हैं’, अपने आप में बड़ी राहत है।

बरेली की इन गरीब बस्तियों में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। बरसाती पानी कब पूरी तरह निकलेगा, बीमारियों से बचाव के लिए क्या इंतजाम होंगे और जिन परिवारों का सामान बर्बाद हुआ है, उन्हें राहत कब मिलेगी? इन सवालों का जवाब अभी बाकी है। फिलहाल इन परिवारों के बीच डॉक्टर अनीस बेग की मौजूदगी उन्हें यह एहसास जरूर करा रही है कि मुश्किल की इस घड़ी में कोई उनके साथ खड़ा है।

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