नीरज सिसौदिया, बरेली
2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी बरेली महानगर में संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज होती दिखाई दे रही है। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी संगठन के विस्तार के साथ नए लोगों को पार्टी से जोड़ने पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर सपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बाकरगंज के दर्जनों युवाओं ने अकरम गाजी के नेतृत्व में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता ग्रहण करने वाले युवाओं का स्वागत करते हुए शमीम खां सुल्तानी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
सुल्तानी के नेतृत्व में महानगर संगठन की गतिविधियों में पिछले दिनों भी बूथ और प्रकोष्ठ स्तर की सक्रियता पर जोर दिया गया है। हाल में उन्होंने शहर और कैंट विधानसभा क्षेत्रों के जोन प्रभारियों के साथ बैठक कर बूथ समितियों के गठन की समीक्षा की थी और महानगर कमेटी के पदाधिकारियों को अलग-अलग प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी सौंपी थी।

अब नए युवाओं को पार्टी की सदस्यता दिलाने की कवायद को इसी संगठन विस्तार की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। गांधी जयंती कार्यक्रम में सदस्यता लेने वालों में राजेश सारस्वत, भगवान कृष्ण सक्सेना, राम कृष्ण सक्सेना, यासीन, सलीम, मो. रजा, मोनिस, फैजान खां, फरहत गाजी, परवेज, इसरार माजिद, फाजिल, सैफ रजा और शादाब खान समेत कई युवा शामिल रहे। इन युवाओं को पार्टी से जोड़ने में महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा की भूमिका रही। अकरम गाजी के नेतृत्व में युवाओं का पार्टी में शामिल होना महानगर संगठन के स्तर पर नए लोगों को जोड़ने की प्रक्रिया को रेखांकित करता है।
सपा कार्यालय में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता शमीम खां सुल्तानी ने की। कार्यक्रम में दोनों महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और विचारों पर चर्चा हुई, लेकिन आयोजन का एक महत्वपूर्ण पक्ष दर्जनों युवाओं का पार्टी में शामिल होना भी रहा।
महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा की मौजूदगी में बाकरगंज के युवाओं ने अकरम गाजी के नेतृत्व में सपा की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी की ओर से इसे नए लोगों को संगठन से जोड़ने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को एकजुट किया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों के विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

बूथ तक संगठन मजबूत करने की कवायद
शमीम खां सुल्तानी की संगठनात्मक सक्रियता का एक प्रमुख केंद्र बूथ स्तर का संगठन है। हालिया बैठक में उन्होंने जोन और सेक्टर प्रभारियों को बूथ समितियों के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। साथ ही महानगर संगठन से जुड़े प्रकोष्ठों को वार्ड स्तर तक सक्रिय करने और नियमित बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया गया था।
महानगर कमेटी के अलग-अलग पदाधिकारियों को युवा, पिछड़ा वर्ग, व्यापार, अल्पसंख्यक, छात्र, महिला, मजदूर, शिक्षक, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समेत विभिन्न प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी दी गई है। इसका मकसद संगठन को अलग-अलग सामाजिक और पेशेवर समूहों तक पहुंचाना बताया गया है।
ऐसे में अब युवाओं को पार्टी की सदस्यता दिलाने की गतिविधि संगठन के विस्तार के एक और स्तर को सामने रखती है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश महानगर संगठन में नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के साथ उन्हें आगे संगठनात्मक जिम्मेदारियों से जोड़ने की भी है।
2027 से पहले संगठन की परीक्षा
समाजवादी पार्टी ने बरेली में विधानसभा स्तर पर भी संगठन को सक्रिय करना शुरू किया है। सितम्बर में पार्टी ने सात विधानसभा क्षेत्रों के अध्यक्ष नियुक्त किए थे और उन्हें विधानसभा कार्यकारिणी गठित कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे।
महानगर क्षेत्र में शहर और कैंट विधानसभा सीटें संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में शमीम खां सुल्तानी के सामने महानगर अध्यक्ष के तौर पर चुनौती केवल पार्टी कार्यक्रम आयोजित करने की नहीं, बल्कि बूथ, वार्ड, विधानसभा और प्रकोष्ठ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करने की भी है। इसी दिशा में पहले पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां बांटना, फिर बूथ समितियों की समीक्षा और अब नए युवाओं को पार्टी से जोड़ना महानगर संगठन की गतिविधियों की एक क्रमिक तस्वीर पेश करता है।

सदस्यता अभियान से आगे की रणनीति
पार्टी के लिए नए लोगों का सदस्य बनना तभी संगठनात्मक ताकत में बदल सकता है जब उन्हें सक्रिय जिम्मेदारियों से जोड़ा जाए। यही वजह है कि शमीम खां सुल्तानी के नेतृत्व में चल रही संगठनात्मक कवायद का अगला चरण इन नए सदस्यों को पार्टी की स्थानीय गतिविधियों से जोड़ना और वार्ड से बूथ स्तर तक सक्रिय करना होगा।
गांधी और शास्त्री जयंती के कार्यक्रम में हुई सदस्यता इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा दिखाई देती है। महानगर अध्यक्ष की प्राथमिकता फिलहाल संगठन के विस्तार, नए चेहरों को जोड़ने और बूथ स्तर पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने पर केंद्रित है। 2027 के विधानसभा चुनाव तक यह संगठनात्मक ढांचा कितना सक्रिय और प्रभावी बनता है, इसकी तस्वीर आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगी।




