बरेली। बरेली कैंट विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी दावेदारी के साथ अब मतदाता सूची के आंकड़ों को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार इंजीनियर अनीस अहमद खां ने कैंट विधानसभा क्षेत्र की एसआईआर के बाद की मतदाता सूची और उसके बाद हुए संशोधनों का पूरा आंकड़ा जारी करते हुए कहा है कि “मैंने एक-एक वोट की गिनती करवाई है।” उनके मुताबिक एसआईआर के बाद कैंट सीट पर मतदाताओं की संख्या 2,83,160 थी, लेकिन इसके बाद लगातार हुए संशोधन और नए मतदाताओं के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 2,94,656 पहुंच गई है।
इंजीनियर अनीस अहमद खां के अनुसार एसआईआर के बाद तैयार मतदाता सूची में कैंट विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,83,160 वोट थे। इसके बाद फार्म-7 के जरिए 2,324 वोट काटे गए, जिससे संख्या घटकर 2,80,836 रह गई। वहीं फार्म-8 के माध्यम से संशोधन एवं स्थानांतरित किए गए 4,690 वोटों को शामिल करने के बाद कुल संख्या बढ़कर 2,85,526 हो गई।
इसके बाद 28 सितंबर 2026 तक फार्म-6 के माध्यम से 9,130 नए वोट जुड़े। इस तरह कैंट विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या अब 2,94,656 हो गई है।
अनीस अहमद खां ने इन आंकड़ों के आधार पर बताया कि वर्तमान मतदाता सूची में 1,38,071 मुस्लिम और 1,56,585 हिंदू मतदाता हैं। यानी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं की करीब 46.9 फीसदी है, जबकि हिंदू मतदाता करीब 53.1 फीसदी हैं। इस लिहाज से कैंट सीट में हिंदू मतदाता अभी भी बहुमत में हैं, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी चुनावी गणित में बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची में हुए बदलाव को केवल एसआईआर के आंकड़े से देखना पर्याप्त नहीं होगा। एसआईआर के बाद फार्म-7 से हटाए गए वोट, फार्म-8 से संशोधित या स्थानांतरित वोट और फार्म-6 से जुड़े नए मतदाताओं को भी पूरे चुनावी गणित में शामिल करना होगा। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इसी वजह से एक-एक वोट का मिलान और गणना करवाई है, ताकि कैंट विधानसभा क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
अनीस अहमद खां के मुताबिक एसआईआर के बाद बूथवार मतदाताओं का विवरण भी तैयार किया गया है। उनके अनुसार एसआईआर के बाद बनाए गए नए वोट फार्म-6 के जरिए तथा स्थानांतरित वोट फार्म-8 के जरिए शामिल किए गए हैं, जबकि फार्म-7 के जरिए हटाए गए वोटों की सूची भी उपलब्ध कराई जा रही है।
कैंट विधानसभा सीट से सपा टिकट के प्रबल दावेदार अनीस अहमद खां लंबे समय से क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाए हुए हैं। ऐसे में मतदाता सूची के इस आंकड़े को सामने रखना उनके चुनावी अभियान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर एसआईआर के बाद कैंट की बदली हुई मतदाता संरचना आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों की रणनीति पर असर डाल सकती है।




