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बरेली के इंदिरा नगर में सड़क से महज 12 इंच नीचे डाली पानी की लाइन, सड़क बनी तो घरों के कनेक्शन भी खतरे में, वरिष्ठ पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ मम्मा ने नगर आयुक्त और महापौर से किया निरीक्षण का आग्रह, पढ़ें क्या है पूरा मामला?

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नीरज सिसौदिया, बरेली

शहर के इंदिरा नगर मुख्य मार्ग पर पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन की गहराई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बरेली शहर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार और वरिष्ठ पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ मम्मा ने दावा किया है कि जनता को पानी उपलब्ध कराने के लिए डाली गई पाइपलाइन सड़क की सतह से महज 12 इंच नीचे बिछाई गई है। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि इस मार्ग पर सड़क निर्माण या मरम्मत के दौरान खुदाई की गई तो पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही घरों तक पानी पहुंचाने वाले कनेक्शन भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और महापौर उमेश गौतम से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके की स्थिति देखने की अपील की है।
सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ मम्मा के मुताबिक, इंदिरा नगर मुख्य मार्ग पर पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे स्थानीय लोगों के घरों तक पानी पहुंचना है। उनका कहना है कि पाइपलाइन की गहराई महज 12 इंच होने से सड़क निर्माण के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि सड़क बनाने के लिए खुदाई की गई तो पाइपलाइन तक मशीन या अन्य निर्माण उपकरण पहुंचने की आशंका रहेगी। इससे पाइपलाइन टूटने, जोड़ खुलने या घरों के कनेक्शन क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

सड़क निर्माण से पहले जांच जरूरी

वरिष्ठ पार्षद ने नगर निगम प्रशासन से आग्रह किया है कि सड़क निर्माण या मरम्मत का काम शुरू होने से पहले पाइपलाइन की वास्तविक गहराई और उसकी स्थिति की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि सड़क और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं के बीच समन्वय जरूरी है। यदि एक ओर सड़क बनाई जाए और दूसरी ओर उसके नीचे बिछी पाइपलाइन की सुरक्षा का पर्याप्त ध्यान न रखा जाए तो बाद में सड़क की खुदाई और मरम्मत की नौबत आ सकती है। इससे सरकारी धन और समय दोनों खर्च होंगे, जबकि स्थानीय लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
उन्होंने महापौर उमेश गौतम और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य से अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। पाइपलाइन कितनी गहराई पर है, सड़क निर्माण के दौरान कितनी खुदाई की जरूरत होगी और घरेलू कनेक्शनों को सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था की जा सकती है, इन बिंदुओं की तकनीकी जांच कराना जरूरी है।

पानी की आपूर्ति बाधित होने की आशंका

पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, पाइपलाइन में रिसाव होने से सड़क के नीचे की मिट्टी प्रभावित होने और सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका भी रहती है। हालांकि, इंदिरा नगर मुख्य मार्ग पर पाइपलाइन की वास्तविक गहराई और सड़क निर्माण की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए मौके पर तकनीकी जांच के बाद ही समस्या की वास्तविक गंभीरता स्पष्ट हो सकेगी।
सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ मम्मा ने इस मुद्दे को उठाते हुए नगर निगम प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में सड़क निर्माण के साथ पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि काम पूरा होने के बाद लोगों को दोबारा खुदाई और मरम्मत की परेशानी न झेलनी पड़े।

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