नीरज सिसौदिया, लखनऊ
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और बसपा समेत विभिन्न दलों से आए नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनमें बदायूं जिले के दो पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और सिनोद शाक्य शामिल हैं। कुशाग्र सागर बरेली जिले के दिग्गज दलित नेता और पांच बार के विधायक रहे स्वर्गीय डॉ. सियाराम सागर के छोटे भाई चंद्रसेन सागर के साले के पुत्र हैं। वह चंद्रसेन सागर की पत्नी मीना सागर के भाई योगेंद्र सागर के बेटे हैं। इन्हें सपा में शामिल कराने के पीछे पूरी मेहनत चंद्रसेन सागर की बताई जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां सिनोद शाक्य सपा में शामिल हो गए वहीं, दूसरी ओर देर शाम जारी हुई भाजपा की उत्तर प्रदेश कार्यसमिति की सूची में उन्हें सदस्य बना दिया गया। शाक्य पहले ही भाजपा से इस्तीफा दे चुके थे। इसके बावजूद उनका नाम प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों की सूची में डालना बेहद हास्यास्पद है।

इनके अलावा पूर्व प्रशासनिक अधिकारी राम बहादुर पासी, दारा सिंह प्रजापति समेत कई अन्य नेताओं ने भी समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और नए साथियों के पार्टी से जुड़ने से समाजवादी पार्टी तथा पीडीए गठबंधन को मजबूती मिलेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक नए नेताओं के सपा में शामिल होने से राजनीतिक हलचल बढ़ी है। उनके मुताबिक, पार्टी में शामिल हुए नेता पीडीए के अलग-अलग सामाजिक समूहों को मजबूत करने में भूमिका निभाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सपा में आने वाले नेताओं को राजनीतिक सम्मान दिया जाएगा और उनके समर्थकों को भी साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सेवाओं के दौरान अलग पहचान बनाई है। उन्होंने राम बहादुर पासी के समाज के लोगों को जोड़ने के प्रयासों का जिक्र किया और दारा सिंह प्रजापति के पार्टी में शामिल होने को भी महत्वपूर्ण बताया। दारा सिंह को लेकर अखिलेश ने कहा, “जिनके साथ दारा होंगे, वही अखाड़ा जीतेगा।” उन्होंने दावा किया कि नए नेताओं के जुड़ने से पार्टी की चुनावी ताकत बढ़ेगी।
वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा और बड़े स्तर पर जयंती मनाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के जरिए वाल्मीकि समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में काम किया जाएगा।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के जरिए ‘वोट डकैती’ की कोशिश की जा रही है। अखिलेश ने दावा किया कि एक ही नाम की कई जगह प्रविष्टियां सामने आई हैं। उन्होंने ‘सुनीता पत्नी राजेश’ के नाम से 420 और पूरे प्रदेश में इस तरह की 2,341 प्रविष्टियां होने की बात कही। इसी तरह ‘राजकुमारी पत्नी राजकुमार’ के नाम से 1,627 प्रविष्टियां होने का दावा किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और मतदाता सूची में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने और बायोमीट्रिक पहचान व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि मतदान के दिन कथित तौर पर नकली आधार कार्ड कैसे बनाए जाते हैं। ये सभी आरोप अखिलेश यादव ने लगाए; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का समय रहते निस्तारण जरूरी है। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को सभी की जिम्मेदारी बताया।




