नीरज सिसौदिया, बरेली
वैसे तो डॉक्टरों को धरती का भगवान भी कहा जाता है लेकिन कुछ अस्पताल वाले ऐसे भी हैं जो किसी शैतान से कम नहीं हैं. ऐसा ही एक मामला बुधवार रात खुशलोक अस्पताल का सामने आया है. आरोप है कि यहां कोरोना संक्रमित दंपति के साथ इतना बदतर व्यवहार किया गया कि डॉक्टरी पेशा ही शर्मसार हो जाए. आरोप है कि यहां कोरोना संक्रमित दंपति को भर्ती करने के नाम पर पहले मोटी रकम ले ली गई और बाद में उन्हें भर्ती भी नहीं किया गया. हद तो तब हो गई जब अस्पताल प्रबंधन ने पैसे वापस करने से भी इनकार कर दिया. बाद में विधायक डा. अरुण कुमार के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित दंपति का पैसा वापस हो सका.
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात को राजेंद्र नगर निवासी समाजसेवी अमित भारद्वाज और उनकी पत्नी डॉली भारद्वाज की कोरोना जांच रिपोर्ट आई जिसमें उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई. इसके बाद उन्होंने निर्णय लिया कि वह नजदीकी अस्पताल में रह कर अपना इलाज करवाएंगे. उन्होंने मॉडल टाउन के खुशलोक हॉस्पिटल में भर्ती होकर इलाज करवाने का फैसला लिया. अमित भारद्वाज ने बताया कि पहले अस्पताल वालों ने उनसे 90 हजार रुपये जमा करा लिए परंतु किसी भी प्रकार से उनको ट्रीटमेंट नहीं दिया गया। इस पर हंगामा होने लगा. हंगामा करने के बाद शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार की सिफारिश पर उनका पैसा वापस किया गया लेकिन परेशानी थी कि वह जाएं तो जाएं कहां. अमित भारद्वाज ने बताया कि वह बारादरी थाने गए लेकिन बारादरी थाने में अस्पताल के खिलाफ सुबह तक रिपोर्ट दर्ज करने की बात कहकर टरका दिया गया। उसके बाद मजबूरन पीड़ित अपने घर पहुंच गए. जब इस मामले की जानकारी लेने के लिए एसएचओ बारादरी थाने को फोन किया गया तो उन्होंने अभी पूछ कर बताता हूं कह कर के फोन काट दिया. जब मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तो एसएचओ बारादरी के ड्राइवर ने बताया कि साहब आराम कर रहे हैं सुबह 5:00 बजे उनकी ड्यूटी है.
वहीं इस संबंध में जब अस्पताल संचालक डा. विनोद पागरानी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका. अगर वह चाहें तो मोबाइल नंबर 7528022520 पर फोन कर अपना पक्ष दे सकते हैं. हम उनका पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित करेंगे.

खुशलोक अस्पताल में तीमारदारों का हंगामा, पैसे ले लिए पर भर्ती नहीं किया, विधायक ने वापस कराए पैसे, पढ़ें क्या है पूरा मामला?




