नई दिल्ली. रणजी ट्रॉफी .कुछ दिन पहले इस बल्लेबाज ने अपनी न्यू बोर्न बेटी को खो दिया था. इसके बाद वे बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वह 131 रन पर नाबाद थे. उनकी इस पारी के दम पर बड़ौदा की टीम 400 रन के करीब पहुंच गई. शतक जड़ने के बाद विष्णु ने कोई जश्न नहीं मनाया. शायद उनका
पहले बेटी का अंतिम संस्कार किया, फिर दूसरी जिम्मेदारी निभाने के लिए मैदान पर लौटे. बेटी की मौत से बुरी तरह टूटे सोलंकी ने चंडीगढ़ के खिलाफ मैदान पर कोहराम मचा दिया. खेल के दूसरे दिन वो 5वें नंबर पर बल्लेबाजी करने मैदान पर आए और दूसरे दिन नाबाद लौटे. उन्होंने 161 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से नाबाद 103 रन बनाए. कुछ दिन पहले इस बल्लेबाज ने अपनी न्यू बोर्न बेटी को खो दिया था. इसके बाद वे बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए और फिर टीम का साथ देने के लिए वापस मैदान पर आ गए.

पहले बेटी का अंतिम संस्कार किया, फिर दूसरी जिम्मेदारी निभाने के लिए मैदान पर लौटे बल्लेबाज




