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गर्लफ्रेंड के साथ छेड़छाड़ की शिकायत करने गया था आर्मी का मेजर, पुलिस वालों ने गर्लफ्रेंड और मेजर दोनों को पीटा, सेना ने संभाला मोर्चा, 5 सस्पेंड, पढ़ें क्या है पूरा मामला?

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भुवनेश्वर। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने सेना के मेजर गुरवंश सिंह और उनकी महिला मित्र पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में बुधवार को भरतपुर थाने के इंस्पेक्टर इंचार्ज (आईआईसी) समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों को घोर कदाचार के आरोप में निलंबित किया गया है। निलंबित किये गये पांच पुलिसकर्मियों में भरतपुर थाने के आईआईसी दीनाकृष्ण मिश्रा, उपनिरीक्षक (एसआई) बैसलिनी पांडा, सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सलिलामयी साहू, सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सागरिका रथ और कांस्टेबल बलराम हांडा शामिल हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान वे भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय के अनुशासनात्मक नियंत्रण में रहेंगे। इस बीच, कई सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों ने 120वीं ब्रिगेड के गेट से पुलिस आयुक्त कार्यालय तक रैली निकाली और रविवार को घटी इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और उनके खिलाफ कड़ी कारर्वाई करने की भी मांग की। डीजीपी ने मंगलवार को भरतपुर थाने में सेना के मेजर की महिला मित्र पर कथित पुलिस हमले और गिरफ्तारी के मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी। सेना की ओर से मामले में हस्तक्षेप करने और घटना को गंभीरता से लेने के बाद अपराध शाखा ने जांच के आदेश दिये। मेजर ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनकी महिला मित्र के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें खींच कर एक कोठरी में ले गयीं, उनके हाथ बांध दिए और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। मेजर ने कहा कि जब उन्होंने पुलिस कारर्वाई का विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनकी भी पिटाई की। सेना के अधिकारी ने आरोप लगाया कि भरतपुर थाने में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके और उनकी महिला मित्र के साथ तब मारपीट की, जब वे शिकायत दर्ज कराने पहुंचे कि कुछ बदमाशों ने कार में यात्रा करते समय उन्हें परेशान किया। मेजर को कथित तौर पर लॉकअप में रखा गया था और उनकी महिला मित्र को थाने के अंदर पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। सेना के हस्तक्षेप के बाद मेजर को थाने से रिहा कर दिया गया और उनकी महिला मित्र का मेडिकल परीक्षण किया गया, क्योंकि आरोप है कि उन्हें एकांत कमरे में ले जाकर उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब मेजर और उनकी महिला मित्र से शिकायत दर्ज करने के लिए कहा गया तो उन्होंने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस ने आरोप लगाया कि मेजर नशे की हालत में थाने में शिकायत दर्ज कराने आये थे। भरतपुर पुलिस ने सेना के मेजर और उनकी महिला मित्र के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें उन पर थाने के अंदर कांस्टेबल और एक महिला उप निरीक्षक पर हमला करने का आरोप लगाया गया था। कोलकाता में 22 सिख रेजिमेंट में तैनात मेजर ने भी भरतपुर थाने के पुलिसकर्मियों के खिलाफ थाने के अंदर हमला करने की शिकायत दर्ज करायी थी।

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