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वाह रे नगर निगम, अधिकारियों को ही नहीं पता कौन से काम हुए कौन से नहीं, जो काम पूरे हो गए उन्हें कर दिया एजेंडे में प्रस्तावित, पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने खोला निगम अधिकारियों का काला चिट्ठा, पढ़ें क्या है पूरा खेल?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली नगर निगम का हाल फिलहाल अंधेर नगरी, चौपट राजा वाला हो चुका है। यहां अधिकारियों की गंभीरता का आलम यह है कि उन्हें खुद भी नहीं पता कि शहर में कहां विकास कार्य पूरे हो चुके हैं और कहां विकास कार्यों की दरकार है। इसका जीता-जागता सबूत 16 दिसम्बर को प्रस्तावित नगर निगम बोर्ड की बैठक के लिए जारी किया गया एजेंडा है। इस एजेंडे में उन विकास कार्यों को भी शामिल किया गया है जो लगभग एक माह पहले ही पूरे हो चुके हैं। इनमेंं एक काम भाजपा पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ मम्मा के वार्ड नंबर-23 इंदिरा नगर का भी है।
बता दें कि पिछले वर्ष मम्मा के वार्ड 23 का कोई भी काम शामिल नहीं किया गया था जबकि उनके वार्ड में कई काम के प्रस्ताव और प्राक्कलन अधिकारियों के द्वारा बनाकर रखे गए थे। बजट की बैठक में मम्मा ने आपत्ति जताई थी। महापौर ने इस पर संज्ञान लिया और अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों ने इसे अपनी गलती मानते हुए भविष्य में इसमें सुधार करने का भरोसा दिलाया। साथ ही मम्मा के प्रस्ताव शामिल करने का भी आश्वासन दिया। लेकिन विगत वर्ष में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
इसके बाद महापौर और निवर्तमान नगर आयुक्त ने एक व्यवस्था दी कि प्रत्येक वार्ड में लगभग तीस-तीस लाख रुपए के विकास कार्य निर्माण विभाग द्वारा कराए जाएंगे। इसके तहत मम्मा ने आईवीआरआई रोड, मंडल विहार कॉलोनी, वार्ड नंबर-23 इंद्रा नगर में तीस लाख रुपए के निर्माण का कार्य प्रस्तावित किया। लगभग एक माह पहले वो कार्य पूरा हो गया। उसमें उद्घाटन का बोर्ड भी लग चुका है। बस मेयर से उसका उद्घाटन कराया जाना है।
दिलचस्प बात यह है कि जब विगत सात दिसम्बर को बोर्ड बैठक का एजेंडा जारी किया गया है तो उसमें मम्मा के वार्ड के दो निर्माण कार्यों को शामिल किया गया है जिनमें एक कार्य ऐसा है जो कि पहले ही पूरा हो चुका है जबकि दूसरा कार्य महज मरम्मत का शामिल किया गया है।
मम्मा ने बताया कि उनके वार्ड के निर्माण कार्य की एक सूची में क्रमांक नंबर -64 पर 25 लाख 18 हजार रुपए के मंडल विहार कॉलोनी के निर्माण कार्य को शामिल किया गया है। यह वही कार्य है जो कि एक माह पहले ही पूरा हो चुका है। जो कार्य नहीं हुए हैं उन्हें शामिल नहीं किया गया। दूसरा कार्य क्रमांक नंबर 256 पर प्रस्तावित कार्य में रतन स्वीट के पीछे पार्क की मरम्मत व रंगाई पुताई का कार्य शामिल किया गया है जिसका एस्टीमेट एक लाख 73 हजार रुपए है जबकि उनके वार्ड में कई विकास कार्य लंबित हैं जिनके लिए उन्होंने लगातार पत्राचार किया है।
एजेंडा प्रभारी और लापरवाह विभागाध्यक्षों की लापरवाही के कारण वार्ड 23 के लोगों को विकास कार्य से महरूम होना पड़ सकता है। मम्मा ने एजेंडे में उनके वार्ड के अन्य विकास कार्यों को शामिल कर संशोधित एजेंडा जारी करने की मांग की है।
मम्मा ने इस संबंध में अवगत करा दिया है।

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