नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी ने बरेली जिले में बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इस फैसले के साथ ही बरेली जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप को भी उनके पद से हटा दिया गया है। यह आदेश समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी कार्यालय-ज्ञाप के माध्यम से दिया गया है। इंडिया टाइम 24 ने उनके कई विवादों को उजागर किया था। साथ ही जल्द ही उन्हें हटाये जाने का भी खुलासा कर दिया था।
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समाजवादी पार्टी जनपद बरेली की जिला कार्यकारिणी, जिलाध्यक्ष सहित, अब प्रभावी नहीं रहेगी। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। पत्र की प्रतिलिपि पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निजी सचिव को भी भेजी गई है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवचरण कश्यप लंबे समय से विवादों में घिरे हुए थे। उन पर संगठन के भीतर गुटबाजी को बढ़ावा देने, कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट जैसी घटनाओं में नाम आने और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं। इसके अलावा टिकट वितरण को लेकर भी उन पर गंभीर आरोप सामने आए थे। इन मामलों को लेकर पार्टी नेतृत्व तक लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं।
बताया जा रहा है कि संगठन के भीतर अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने के उद्देश्य से पार्टी नेतृत्व ने यह कड़ा कदम उठाया है। समाजवादी पार्टी का मानना है कि संगठन में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता, गुटबाजी या गलत गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला कार्यकारिणी भंग होने के बाद अब बरेली जिले में नए सिरे से संगठन के पुनर्गठन की तैयारी की जा रही है। जल्द ही पार्टी नेतृत्व की ओर से प्रभारी नियुक्त कर नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया जा सकता है, ताकि आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके।
इस फैसले के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच भी इसे लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।





