नीरज सिसौदिया, बरेली
राजनीति में अक्सर नेताओं को चुनावी मंचों, नारों और भाषणों के जरिए जनता तक पहुंचते देखा जाता है, लेकिन बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर एक समाजवादी चेहरा ऐसा भी है जो गांवों की गलियों, कच्चे घरों और झोपड़ियों तक पहुंचकर बच्चों के सपनों को सम्मान और उड़ान दे रहा है।

समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख और समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव चंद्रसेन सागर इन दिनों शिक्षा जागरूकता की ऐसी मुहिम चला रहे हैं जिसकी चर्चा पूरे फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रही है।

विगत अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से चंद्रसेन सागर लगातार गांव-गांव जाकर दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को मेडल, प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह सम्मान केवल शहरों या संपन्न परिवारों के बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन गांवों और बस्तियों तक पहुंच रहा है जहां कई बच्चे आज भी कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहकर कठिन परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करते हैं।

फरीदपुर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिस दौर में राजनीति केवल बड़े आयोजनों और सोशल मीडिया तक सीमित होती जा रही है, उस दौर में चंद्रसेन सागर की यह पहल जमीन से जुड़ी समाजसेवा की मिसाल बनती जा रही है। अब तक वह एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर चुके हैं।

गांवों में जब किसी गरीब परिवार के बच्चे को मेडल पहनाकर सम्मान प्रमाण पत्र दिया जाता है, तो वह पल केवल एक सम्मान समारोह नहीं रह जाता, बल्कि पूरे परिवार के लिए गर्व और उम्मीद का क्षण बन जाता है। कई ऐसे परिवार हैं जहां बच्चों की पढ़ाई आर्थिक तंगी के बीच जारी है। ऐसे बच्चों के लिए यह सम्मान उनके संघर्ष को पहचान मिलने जैसा है।

शुक्रवार को भी चंद्रसेन सागर ने फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। ग्राम खटेली लाड़पुर में वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण 35 छात्र-छात्राओं को मेडल, सम्मान प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान गांव के लोगों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की।

इसके अलावा चंद्रसेन सागर ग्राम मैकपुर कलां पहुंचे, जहां दसवीं और बारहवीं में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यहां भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना था कि गांवों में पहली बार कोई नेता इस तरह बच्चों की मेहनत को सम्मान देने के लिए घर-घर पहुंच रहा है। ग्राम बर्नाई केशोपुर में सबसे बड़ा सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जहां 52 छात्र-छात्राओं को मेडल, सम्मान प्रमाण पत्र और उपहार दिए गए। इस दौरान कई अभिभावकों की आंखों में खुशी दिखाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता मजदूरी करके परिवार चलाते हैं, उनके लिए इस तरह का सम्मान जीवन भर याद रहने वाला पल बन जाता है।

इसके अलावा ग्राम कुंइआ रामपुर में 22 छात्र-छात्राओं और ग्राम भूआंयापुर में 27 छात्राओं को सम्मानित किया गया। खास बात यह रही कि चंद्रसेन सागर ने छात्राओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर गांवों की बेटियां पढ़ेंगी तो पूरा समाज आगे बढ़ेगा।
अपने संबोधन में चंद्रसेन सागर ने कहा कि शिक्षा ही समाज को बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, जरूरत केवल उन्हें प्रोत्साहन और सम्मान देने की होती है। जब किसी बच्चे को समाज के बीच सम्मान मिलता है, तो उसके भीतर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार बताया था और उसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना था कि फरीदपुर क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा केवल आर्थिक अभाव के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए।

चंद्रसेन सागर की इस पहल का राजनीतिक असर भी दिखाई देने लगा है। फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में लोग इसे केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मुहिम के तौर पर देख रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रहे इन कार्यक्रमों ने चंद्रसेन सागर की छवि एक ऐसे जननेता के रूप में मजबूत की है जो केवल चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को लेकर भी गंभीर है।

क्षेत्र के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गांवों में शिक्षा को लेकर इस तरह का अभियान पहले बहुत कम देखने को मिला है। आमतौर पर नेता चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचते हैं, लेकिन चंद्रसेन सागर का यह अभियान सीधे बच्चों और परिवारों से भावनात्मक जुड़ाव बना रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन घरों में कभी किसी बच्चे को मंच पर बुलाकर सम्मान नहीं मिला, वहां अब बच्चे मेडल पहनकर लौट रहे हैं। कई परिवारों में यह पहली बार हुआ जब उनके बेटे या बेटी को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। यही कारण है कि गांवों में इस अभियान को लेकर उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।

फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में चंद्रसेन सागर की यह मुहिम अब केवल सम्मान समारोहों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामाजिक बदलाव का अभियान बनती दिखाई दे रही है। गांवों की गलियों से लेकर झोपड़ियों तक पहुंच रही यह पहल यह संदेश दे रही है कि असली समाजसेवा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद जगाने से होती है।




