नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली के वार्ड संख्या 23 इंदिरा नगर में लंबे समय से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति को लेकर आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। क्षेत्रीय पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ ‘मम्मा’ के निवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जल निगम, नगर निगम और संबंधित कंपनी के अधिकारियों के साथ स्थानीय निवासियों ने विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य पानी की लाइन डालने में आ रही कठिनाइयों को दूर करना और जनता को जल्द राहत देना था।
बैठक में जल निगम के असिस्टेंट इंजीनियर प्रदीप कुमार, अवर अभियंता मोहम्मद एहसन, कंपनी की ओर से सुरेश दलम, नगर निगम जलकल विभाग के महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य, सहायक अभियंता अजीत सिंह, अवर अभियंता सुमित कुमार, क्षेत्रीय पार्षद सतीश मम्मा, पार्षद प्रियंका कटियार और स्थानीय निवासी कृष्ण स्वरूप सक्सेना, अनुज कुमार सक्सेना, अमरीश कुमार शर्मा, सोनू सिंह उर्फ कुशल पाल सिंह, पवन अरोड़ा, राजीव आनंद सहित कई लोग मौजूद रहे।
बैठक में सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि अब तक जहां-जहां खुदाई हो चुकी है, उसके आगे कंपनी द्वारा कोई नई खुदाई नहीं की जाएगी। पहले से खोदे गए क्षेत्रों में हर घर तक पानी की लाइन का कनेक्शन निशुल्क दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक घर में पानी के मीटर भी लगाए जाएंगे, जिनका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस फैसले से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस योजना के तहत वार्ड 23 के लोगों को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए दो ट्यूबवेल तैयार किए जा रहे हैं—एक झूलेलाल पार्क, राजेंद्र नगर ए-ब्लॉक और दूसरा के सुपरमार्केट के पीछे स्थित पार्क में। दोनों ट्यूबवेल लगभग तैयार हो चुके हैं और इनकी बोरिंग करीब 550 फीट गहराई तक की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन ट्यूबवेल से मिलने वाला पानी इतना शुद्ध होगा कि घरों में एक्वागार्ड लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, साथ ही टैंक और मोटर की भी आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि अब तक पानी की लाइन फटने पर कई वार्डों—जैसे मॉडल टाउन, इंदिरा नगर, जनकपुरी और आवास विकास की सप्लाई बाधित हो जाती थी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था में इस समस्या का समाधान किया जाएगा। अब किसी भी स्थान पर लीकेज होने पर कंप्यूटर सिस्टम के जरिए तुरंत उसकी जानकारी मिल जाएगी और केवल उसी पॉइंट की सप्लाई बंद कर मरम्मत की जाएगी, जबकि बाकी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहेगी।
गौरतलब है कि इस परियोजना का शुभारंभ 30 अक्टूबर 2025 को महापौर डॉ. उमेश गौतम द्वारा किया गया था और इसे जून 2026 तक पूरा किया जाना था। हालांकि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने पर जल निगम ने कंपनी पर 15 से 20 लाख रुपये तक की पेनल्टी लगाने का निर्णय लिया है। साथ ही कंपनी को कार्य पूरा करने के लिए लगभग चार महीने का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जब तक पहले से खोदे गए स्थानों पर घर-घर कनेक्शन नहीं दिए जाते, तब तक आगे की खुदाई नहीं होगी। इसके अलावा जहां-जहां काम पूरा हो जाएगा, वहां की सड़कों की मरम्मत कंपनी अपने खर्च पर करेगी और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सीसी सड़क या हॉट मिक्स सड़क को उसी मानक के अनुसार दोबारा बनाया जाएगा, जैसा पहले था।
जल निगम और नगर निगम दोनों मिलकर पूरे कार्य की निगरानी करेंगे। साथ ही कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह नियमित रूप से क्षेत्रीय पार्षद सतीश मम्मा को कार्य की प्रगति की जानकारी देती रहे। यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही होती है, तो पार्षद को कार्य रुकवाने का अधिकार होगा।
अंत में बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जहां क्षेत्रीय पार्षद सतीश मम्मा ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन से वार्ड 23 की जनता को बड़ी राहत मिलेगी और पेयजल की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।




