नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली कैंट की राजनीति इन दिनों केवल नारों और पोस्टरों तक सीमित नहीं दिख रही। यहां अब “जमीन पर संवाद” की राजनीति भी आकार ले रही है। इसी बदलती तस्वीर के बीच समाजवादी पार्टी से कैंट विधानसभा सीट के प्रबल दावेदार माने जा रहे डॉ. अनीस बेग लगातार अपने अलग अंदाज की राजनीति को लेकर चर्चा में हैं।
जिस “PDA पंचायत” की शुरुआत कभी छोटे स्तर पर लोगों के बीच बैठकर संवाद से हुई थी, वही अब “PDA महापंचायत” के रूप में बड़ी भीड़ और मजबूत संदेश के साथ सामने आ रही है। कैंट स्थित युगवीणा लाइब्रेरी में आयोजित PDA महापंचायत केवल एक सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम नहीं दिखी, बल्कि यह डॉ. अनीस बेग की बढ़ती सक्रियता, संगठन क्षमता और कैंट की सामाजिक राजनीति में बनती पकड़ का संकेत भी बन गई।
कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ यह बता रही थी कि डॉ. अनीस बेग केवल भाषण देने वाली राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि वह समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच जाकर संवाद स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। युवाओं, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक समाज, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस महापंचायत को सामान्य राजनीतिक सभा से अलग पहचान दी।
डॉ. अनीस बेग ने अपने संबोधन में जिस तरह शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और भाईचारे को राजनीति का केंद्र बताया, उसने कार्यक्रम को केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक संदेश देने वाला मंच बना दिया। उन्होंने साफ कहा कि समाज की असली ताकत उसकी एकजुटता और शिक्षा में होती है। अगर समाज जागरूक होगा तो उसकी आवाज भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि PDA महापंचायत किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज है जो खुद को व्यवस्था में कमजोर महसूस करते हैं। उनका कहना था कि लोकतंत्र केवल वोट डालने का नाम नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है।
डॉ. अनीस बेग ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आने वाले समय में वही समाज आगे बढ़ेगा जो शिक्षा और जागरूकता को हथियार बनाएगा। उन्होंने युवाओं से राजनीति के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भी अपील की।
महापंचायत के दौरान सबसे खास बात यह रही कि कार्यक्रम में केवल राजनीतिक चर्चा नहीं हुई, बल्कि लोगों ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान और क्षेत्रीय समस्याओं पर भी खुलकर अपनी बात रखी। यही कारण रहा कि कार्यक्रम का माहौल पारंपरिक राजनीतिक भाषणों से अलग दिखाई दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कैंट विधानसभा सीट पर डॉ. अनीस बेग लगातार जिस तरह PDA के जरिए सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर रहे हैं, वह आने वाले चुनावी माहौल में बड़ा असर डाल सकता है। खास बात यह भी है कि बरेली में PDA पंचायत की शुरुआत करने वालों में डॉ. अनीस बेग का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है और अब उसी अभियान को “महापंचायत” के रूप में आगे बढ़ाकर वह अपनी राजनीतिक सक्रियता का बड़ा संदेश देने में जुटे हैं।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुलतानी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष स्मिता यादव, हुरिया रहमान, गजल अंसारी, प्रेमलता, दिनेश यादव, ऋषि यादव, रामप्रकाश यादव, पंकज बाल्मीकि, राजेश मौर्य, राजेश प्रजापति, इस्तियाक सकलैनी, कुलदीप बाल्मीकि और प्रदीप बाल्मीकि समेत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
कैंट की राजनीति में इस समय कई चेहरे सक्रिय हैं, लेकिन डॉ. अनीस बेग जिस तरह “भीड़ से ज्यादा संवाद” और “राजनीति से ज्यादा सामाजिक जुड़ाव” की लाइन पर आगे बढ़ रहे हैं, वह उन्हें और मजबूती प्रदान कर रहा है।




