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सुभाष नगर पुलिया से एम्स तक: बरेली कैंट के अधूरे सपनों को चुनावी मुद्दा बना रहे वरिष्ठ सपा नेता संजीव सक्सेना; बोले— विधायक जी मस्त हैं, जनता त्रस्त है, मैं पार्टी का सिपाही हूं, टिकट हिंदू को मिले या मुस्लिम को, चुनाव सपा का होगा, पढ़िए बरेली कैंट विधानसभा सीट से सपा के टिकट के प्रबल दावेदार संजीव सक्सेना का बेबाक इंटरव्यू

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां अभी से तेज होने लगी हैं। बरेली कैंट विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के भीतर भी टिकट को लेकर हलचल बढ़ गई है और कई नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। इन्हीं में वरिष्ठ सपा नेता और बरेली कैंट विधानसभा सीट से पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार संजीव सक्सेना लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। कायस्थ समाज में सक्रिय भूमिका निभाने वाले संजीव सक्सेना स्थानीय समस्याओं, पीडीए की रणनीति, युवाओं के रोजगार और बरेली के विकास को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखते हैं। इंडिया टाइम 24 डॉट कॉम के संपादक नीरज सिसौदिया ने उनसे विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश—


प्रश्न: विधानसभा चुनाव को लेकर आपकी क्या तैयारी चल रही है?

संजीव सक्सेना:
देखिए, व्यक्तिगत स्तर पर जो तैयारी होती है उसका मूल आधार जनसंपर्क ही होता है। मैं लगातार जनता के बीच जा रहा हूं, लोगों से संपर्क कर रहा हूं, उनकी समस्याओं को सुन रहा हूं और जहां तक संभव हो रहा है, उनके समाधान का प्रयास कर रहा हूं। मेरा मानना है कि राजनीति केवल चुनाव लड़ने का माध्यम नहीं है बल्कि जनता की सेवा का रास्ता है। इसलिए मैं आज भी उसी प्रतिबद्धता के साथ जनता के बीच काम कर रहा हूं और समय आने पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह समर्पित रहूंगा।


प्रश्न: समाजवादी पार्टी पीडीए फार्मूले पर काम कर रही है। आपको क्या लगता है कि बरेली कैंट विधानसभा सीट पर यह फार्मूला कितना सफल साबित हो सकता है?

संजीव सक्सेना:
हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव जी पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और अग्रणी समाज—सभी वर्गों को साथ लेकर चल रहे हैं। समाजवादी पार्टी की विचारधारा ही सामाजिक न्याय और सभी वर्गों की भागीदारी पर आधारित है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार होने वाले चुनाव में पीडीए की बहुत अहम भूमिका रहने वाली है। पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज का बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी के साथ आएगा और यह गठजोड़ प्रदेश की राजनीति में निर्णायक साबित होगा।


प्रश्न: 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी लगभग 10 हजार वोटों से हारी थी, जबकि लोकसभा चुनाव में यह अंतर घटकर करीब 3300 वोट रह गया। इस अंतर को खत्म कर जीत हासिल करने के लिए आपकी क्या रणनीति है?

संजीव सक्सेना:
भारतीय जनता पार्टी की सरकार में महंगाई चरम पर है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, शिक्षा व्यवस्था बदहाल है और स्कूल तक बंद हो रहे हैं। जनता इन समस्याओं को रोजाना झेल रही है। हमें केवल जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को मजबूती से उठाना है और उन्हें यह बताना है कि समाजवादी पार्टी ही इन समस्याओं का समाधान कर सकती है। जब जनता खुद परेशान है तो बचे हुए वोटों का अंतर खत्म करना कोई कठिन काम नहीं है। जनता पूरी तरह इस सरकार से त्रस्त हो चुकी है और समाजवादी पार्टी को मौका देने के लिए तैयार बैठी है।


प्रश्न: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार बरेली आ चुके हैं, लेकिन अखिलेश यादव का कार्यक्रम यहां नहीं हुआ। क्या इसे बरेली की अनदेखी माना जाए?

संजीव सक्सेना:
बिल्कुल नहीं। समाजवादी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरे प्रदेश को साथ लेकर चल रहा है। अखिलेश यादव जी की व्यस्तताएं बहुत अधिक रहती हैं और उनके अपने राजनीतिक कार्यक्रम एवं समीकरण होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि बरेली को नजरअंदाज किया जा रहा हो। मुझे पूरा विश्वास है कि वह बहुत जल्द बरेली आएंगे और यहां की जनता तथा कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।


प्रश्न: कुछ मुस्लिम नेता भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं मिला तो मुस्लिम वोट पूरी तरह सपा को नहीं मिलेंगे। इस पर आपका क्या कहना है?

संजीव सक्सेना:
समाजवादी पार्टी में हर वर्ग का व्यक्ति जुड़ा हुआ है, चाहे वह मुस्लिम हो, यादव हो, पिछड़ा हो या कोई अन्य समाज। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को टिकट मांगने का अधिकार है और हर कोई अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सकता है। लेकिन अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष का होता है। जिसे भी टिकट मिलेगा, पूरी पार्टी मिलकर उसे चुनाव लड़ाएगी और जिताने का काम करेगी। टिकट हिंदू को मिले या मुस्लिम को, चुनाव समाजवादी पार्टी का होगा। मैं स्वयं पार्टी का एक सिपाही हूं। मुझे पहले भी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मेयर पद का टिकट दिया था और मैंने 11 दिन तक चुनाव प्रचार भी किया, लेकिन बाद में पार्टी के निर्देश पर मैंने अपना टिकट वापस ले लिया। उन्होंने मुझसे कहा था कि भविष्य में पार्टी में मुझे सम्मान मिलेगा। उसी विश्वास और समर्पण के साथ मैं आज भी पार्टी का झंडा उठाकर चल रहा हूं और आगे भी चलता रहूंगा।


प्रश्न: समाजवादी पार्टी को अक्सर मुस्लिमों की पार्टी कहा जाता है। क्या इस बार हिंदू वोट भी पार्टी को मिलेगा?

संजीव सक्सेना:
मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि ऐसी बातों में नहीं आना चाहिए। समाजवादी पार्टी हर वर्ग की पार्टी है। पंडित, ठाकुर, कायस्थ, बनिया और अन्य सभी समाज के लोग इस बार बदलाव चाहते हैं। लोग डबल इंजन सरकार से निराश हैं और समाजवादी पार्टी को विकल्प के रूप में देख रहे हैं। इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि हर वर्ग का समर्थन समाजवादी पार्टी को मिलेगा।

 


प्रश्न: बरेली कैंट से कई नेता टिकट की दौड़ में हैं। आप खुद को उनसे अलग कैसे मानते हैं?

संजीव सक्सेना:
लोकतंत्र में हर व्यक्ति को टिकट मांगने और चुनाव की तैयारी करने का अधिकार है। सभी लोग अपने-अपने तरीके से मेहनत कर रहे हैं और मैं भी अपने तरीके से जनता के बीच काम कर रहा हूं। मैं हमेशा कहता हूं कि मैं समाजवादी पार्टी का एक सिपाही हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जो निर्णय करेंगे, उसका अक्षरशः पालन करूंगा।


प्रश्न: आपको टिकट क्यों मिलना चाहिए? आप दूसरों से अलग क्यों हैं?

संजीव सक्सेना:
यह फैसला जनता को करना है। अपने बारे में खुद कहना उचित नहीं होता। जनता ही तय करेगी कि मैं दूसरों से किस वजह से अलग हूं या बेहतर हूं। मैं केवल अपने काम और अपने व्यवहार के आधार पर जनता का विश्वास जीतने का प्रयास कर रहा हूं।

 


प्रश्न: कायस्थ समाज को भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है। इस चुनौती को आप कैसे देखते हैं?

संजीव सक्सेना:
मैं आपकी इस बात से सहमत हूं कि लंबे समय से कायस्थ समाज को भाजपा का वोट बैंक माना जाता रहा है। लेकिन इसी कारण मैं दिन-रात अपने समाज को एकजुट करने और समाजवादी पार्टी की नीतियों से जोड़ने में लगा हुआ हूं। हम लोगों को अखिलेश यादव जी की नीतियों और समाजवादी विचारधारा के बारे में बता रहे हैं। अगर पार्टी मुझे टिकट देती है तो मुझे विश्वास है कि मेरे समाज का पूरा समर्थन मुझे मिलेगा। केवल कायस्थ समाज ही नहीं, बल्कि ठाकुर, पंडित, बनिया और अन्य वर्गों का भी समर्थन समाजवादी पार्टी को मिलेगा।


प्रश्न: सामाजिक संगठनों में आपकी क्या भूमिका है?

संजीव सक्सेना:
मैं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का प्रदेश उपाध्यक्ष हूं। इसके अलावा कायस्थ हित कल्याण परिवार का संरक्षक हूं और कई सामाजिक संगठनों का संस्थापक सदस्य भी हूं। मैं बरेली क्लब और राइफल क्लब का आजीवन सदस्य हूं। विभिन्न सामाजिक संगठनों से अलग-अलग रूपों में जुड़कर समाज सेवा का कार्य कर रहा हूं और जनता के बीच रहकर उनके काम करने का प्रयास कर रहा हूं।


प्रश्न: मौजूदा विधायक के साढ़े चार साल के कार्यकाल को आप किस नजरिए से देखते हैं?

संजीव सक्सेना:
मैं लगातार जनता के बीच जा रहा हूं और उनकी समस्याओं को समझ रहा हूं। दो बार से भाजपा की सरकार है, लेकिन चाहे सुभाष नगर पुलिया का मामला हो या श्मशान भूमि रेलवे क्रॉसिंग की समस्या, इनका समाधान आज तक नहीं हो पाया। जनता परेशान है लेकिन उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा। मेरी नजर में स्थिति यह है कि विधायक मस्त हैं और जनता त्रस्त है। मैं इस बात को अपने होर्डिंग्स और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से लगातार लोगों तक पहुंचा रहा हूं।

 


प्रश्न: अगर पार्टी आपको मौका देती है तो किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे?

संजीव सक्सेना:
बिजली, पानी और सड़क तो हर क्षेत्र की बुनियादी जरूरतें हैं, लेकिन बरेली कैंट में सुभाष नगर पुलिया सबसे बड़ा मुद्दा है। थोड़ी सी बारिश होने पर बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। दूसरी बड़ी समस्या सिटी रेलवे क्रॉसिंग की है, जहां लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यदि मुझे अवसर मिला तो इन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दूंगा। और यदि मैं विधायक न भी बना तो भी समाजवादी पार्टी का जो भी विधायक होगा, हम मिलकर इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास करेंगे।


प्रश्न: आपका ड्रीम प्रोजेक्ट क्या है?

संजीव सक्सेना:
मेरा सबसे बड़ा सपना सुभाष नगर पुलिया और श्मशान भूमि की समस्या का स्थायी समाधान करना है। इसके साथ ही लड़कियों के लिए एक अच्छा इंटर कॉलेज खुलवाना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि कैंट बोर्ड और नगर निगम के बीच ऐसा समन्वय स्थापित हो जिससे जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान हो सके। मेरा एक और बड़ा सपना है कि बरेली में एम्स जैसी संस्था स्थापित हो, ताकि लोगों को इलाज के लिए दिल्ली और लखनऊ न जाना पड़े और उन्हें अपने शहर में ही कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।


प्रश्न: युवाओं के रोजगार के लिए आप क्या प्रयास करेंगे?

संजीव सक्सेना:
हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी लगातार युवाओं के रोजगार और उनके भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब प्रदेश स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो उसका लाभ बरेली कैंट के युवाओं को भी मिलेगा। हमारी प्राथमिकता यह होगी कि युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर मिलें ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

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