नीरज सिसौदिया, बरेली
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। बरेली कैंट विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे डॉ. अनीस बेग भी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे से मुलाकात की। रामपुर जाते समय माता प्रसाद पांडे के बरेली सर्किट हाउस पहुंचने पर हुई इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच काफी गर्मजोशी से मुलाकात हुई। माता प्रसाद पांडे के सर्किट हाउस पहुंचने के दौरान समाजवादी पार्टी के वर्तमान और पूर्व विधायक, जिला संगठन तथा महानगर संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी नेताओं के बीच विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई।

डॉ. अनीस बेग की नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात को भी इसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा माना जा रहा है। बरेली कैंट से 2027 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट के लिए उनकी दावेदारी की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से उनकी लगातार बढ़ती नजदीकी को उनके राजनीतिक अभियान के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
डॉक्टर अनीस बेग ने कहा कि वह जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ किसी भी तरह की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक इमारत या संस्थान का मामला नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय एक शिक्षा का केंद्र है और वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए किसी भी कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
डॉ. अनीस बेग ने इस मामले को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा के मंदिर को बचाने के पक्ष में है और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए, ताकि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

डॉ. अनीस बेग की इस मुलाकात को बरेली कैंट की स्थानीय राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। वह 2027 विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं और पिछले कुछ समय से क्षेत्र में लगातार राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ संपर्क और संगठनात्मक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को उनकी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
डॉ. अनीस बेग जिस तरह से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ संवाद कायम कर रहे हैं और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं, उससे यह संकेत मिलता है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दावेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा समाजवादी पार्टी के लिए लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है। सपा नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय से जुड़े विवाद में कार्रवाई का असर वहां पढ़ने वाले छात्रों पर नहीं पड़ना चाहिए। पार्टी नेताओं ने सरकार और प्रशासन से छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कदम उठाने की अपील की है।

डॉ. अनीस बेग द्वारा इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखना भी उनकी राजनीतिक सक्रियता का हिस्सा माना जा रहा है। बरेली कैंट क्षेत्र में शिक्षा, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रियता 2027 के चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे में जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर उनकी सक्रियता को पार्टी की व्यापक राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल, डॉ. अनीस बेग की माता प्रसाद पांडे से मुलाकात और जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर उनकी मुखरता ने बरेली कैंट की सियासत में उनकी सक्रियता को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में किसे मैदान में उतारती है और बरेली कैंट में पार्टी की ओर से टिकट की दौड़ में डॉ. अनीस बेग की दावेदारी किस मुकाम तक पहुंचती है।




