नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। नई टीम में अनुभव और युवा चेहरों के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई देती है। पार्टी ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए हैं।
नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की वापसी की है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वहीं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और आरएसएस से जुड़े रहे राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब भी महासचिव बनाए गए हैं।
किसे कौन सा पद?
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए 13 नेताओं में वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराजा, प्रो. तारिक मंसूर और डॉ. मधुचंद्र कर शामिल हैं।
राष्ट्रीय महासचिव
विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, डॉ. सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। संगठन महासचिव के पद पर बीएल संतोष बने रहेंगे, जबकि शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी मिली है।
राष्ट्रीय सचिव
राष्ट्रीय सचिवों की सूची में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, भोला सिंह, प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, संदीप पाठक, फांगनोन कोन्याक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, एम. वेंकटेशन, मनोज तिग्गा, सिद्धार्थ शंभू, स्वदेश सिंह, मृगांका देव बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश शामिल हैं।
इसके अलावा पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और राजेश मंगल को संयुक्त कोषाध्यक्ष बनाया गया है। तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय प्रभारी तथा महेंद्र पांडे को केंद्रीय कार्यालय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
मोर्चों में भी बड़ा बदलाव
भाजपा ने अपने विभिन्न मोर्चों की कमान भी नए चेहरों को सौंपी है। डॉ. हेमंग जोशी को युवा मोर्चा, रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा, अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा, बंसीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा, शिवेश कुमार राम को एससी मोर्चा, मन्नालाल रावत को एसटी मोर्चा और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष बनाया गया है। मीडिया की जिम्मेदारी अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक के तौर पर दी गई है, जबकि दीपक म्हस्के सोशल मीडिया संयोजक होंगे।
किसे मिली प्राथमिकता?
नई टीम को देखें तो भाजपा ने अनुभव और युवा ऊर्जा के मिश्रण पर जोर दिया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी नई टीम को संगठन में नई गति देने वाला बताया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नई टीम के छह पदाधिकारी 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जबकि 40-49 आयु वर्ग में 15 और 50-59 आयु वर्ग में 21 सदस्य हैं।
महिला और सामाजिक प्रतिनिधित्व भी नई टीम की खास विशेषता है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 40 प्रतिशत पदाधिकारी वंचित/हाशिए के समुदायों से आते हैं। महिलाओं को भी उल्लेखनीय प्रतिनिधित्व दिया गया है। उत्तर-पूर्व को विशेष जगह देते हुए फांगनोन कोन्याक और बिप्लब देब को राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
सबसे अहम राजनीतिक संदेश यह है कि भाजपा ने एक तरफ वसुंधरा राजे, राम माधव और स्मृति ईरानी जैसे अनुभवी चेहरों को फिर से प्रमुख भूमिका दी है, तो दूसरी तरफ युवा नेताओं को संगठन के महत्वपूर्ण मोर्चों की कमान सौंपी है। इसे 2027 में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों, खासकर उत्तर प्रदेश, की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर नितिन नबीन की नई टीम में अनुभव, युवा नेतृत्व, महिला प्रतिनिधित्व, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरण—इन सभी को साधने की कोशिश दिखाई देती है। आने वाले चुनावों में यही टीम भाजपा की संगठनात्मक रणनीति को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी संभालेगी।




