नई दिल्ली। विरोधी दलों के हंगामे के चलते बजट सत्र के दूसरे दिन भी संसद की कार्यवाही नहीं चल सकी। सुबह 11:00 बजे कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में विपक्षी दलों ने PNB घोटाले और अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही पहले 12:00 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के गौरव गोगोई ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया और वह लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए जहां वह जमकर नारेबाजी करने लगे।
कांग्रेस पीएनबी घोटाले के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से जवाब मांग रही थी लेकिन बीजेपी का कहना था कि यह जवाब प्रधानमंत्री नहीं बल्कि देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली देंगे। इसके अलावा तेलुगू देशम पार्टी ने आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज आंध्र पुनर्गठन अधिनियम को पूरी तरह से लागू करने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। पार्टी के सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास जाकर नारेबाजी करने लगे। इसके अलावा अन्नाद्रमुक ने कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति भी हंगामे में पीछे नहीं रही उसने राज्य में आरक्षण का कोटा बढ़ाए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इतने में ही शिवसेना के सदस्य भी हंगामा करने लगे वह मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग करने को लेकर नारेबाजी करने लगे।
इन्हीं मुद्दों को लेकर राज्यसभा में भी हंगामा हुआ पहली राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11:30 बजे तक स्थगित कर दी गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी जब हंगामा नहीं रुका तो सुमित्रा महाजन ने लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
वहीं कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी ने अपनी मांगों को लेकर संसद परिसर में ही प्रदर्शन भी किया।

विपक्ष के हंगामे के चलते दूसरे दिन भी नहीं चली संसद




