उत्तराखंड

तहसील कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

राजेंद्र भंडारी, टनकपुर

पूर्णागिरी तहसील के कर्मचारियों ने सोमवार को आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया। उनका आरोप था कि 8 मार्च को तहसील परिसर में पंछी अभिभावकों के साथ कुछ अराजक तत्व आ गए थे जिन्होंने SDM को अपशब्द कहे और कुर्सियां भी तोड़ दी थीं। इससे तहसील कर्मचारियों में भय का माहौल है। उन्होंने 1 सप्ताह के अंदर अराजक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी है।
वही इस संबंध में उप जिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल ने कहा कि उन्हें ज्ञापन मिला है लेकिन इस बारे में उन्हें कुछ भी नहीं कहना है। जब उनसे पूछा गया कि जिन अराजक तत्वों ने आपसे अपशब्द कहे क्या आप उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते तो एसडीएम ने कहा कि वह किसी के भी खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
कार्य बहिष्कार करने वालों में जीवन सिंह, राजेंद्र कुमार, सुनील बिष्ट, पीतांबर दत्त जोशी, जेआर टमटा आदि शामिल थे। कार्य बहिष्कार करने वाले तहसील कर्मचारियों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा है।
बता दें कि गत 7 मार्च को सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्र कुणाल भारती की सड़क हादसे में मौत के अगले दिन अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा था। वह पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतर आए थे। वहीं, एसडीएम कार्यालय में काफी कहासुनी भी अभिभावकों के साथ हुई थी। सेंट फ्रांसिस स्कूल को बदनाम करने के लिए कुछ अराजक तत्व भी जुलूस में शामिल हो गए थे। उन्होंने एसडीएम को अपशब्द कहे थे।
सूत्रों की मानें तो उस दिन के हंगामे के बाद मामले को सियासी रंग देने की कोशिश की जा रही है जबकि विधायक कैलाश गहतोड़ी खुद रविवार को बैठक में लोगों से एकता और सौहार्द बनाने की अपील करके गए हैं।

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