हरियाणा

पितरों की स्तुति करने से कालसर्प योग और पितृ दोष से मुक्ति

सोमवती अमावस्या आज
कुरुक्षेत्र ( ओहरी ) : आज सोमवती अमावस्या के दिन देश भर के हजारों श्रधालु कुरुक्षेत्र के पवित्र बरह्मसरोवर पर और पवित्र नदिओं में स्नान कर मोक्ष की प्राप्ति करते हैं। शास्त्रों के अनुसार सोमवती अमावस को पितरों के श्राद तर्पण का बहुत महत्व होता है। कल आये हुए श्रधालुओं ने अपने पितरों का तर्पण किआ था और आज सोमवार को स्नानादि करने की अमावस्या है। अमावस्या पर पितरों की स्तुति करने से कालसर्प योग और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साल में 2 -3 बार सोमवती अमावस्या आ जाती है। अमावस्या में सोमवती अमावस्या और शनिचारी अमावस्या का बहुत महत्व है।
सोमवती अमावस्या पर धान , पान , हल्दी , सुपारी और सिन्दूर से पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा की जाती है। इस से पितृ और काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है और साथ ही साथ गरीबों और पुजारिओं को दान दक्षिणा दी जाती है। पंडितों के अनुसार इस दिन मॉस शराब से दूर रहना चाहिए , शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए , बिना नहाए नहीं रहना चाहिए और शैव , कटिंग आदि नहीं करनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *