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राजेश अग्रवाल के आवास पर सपा नेताओं का जुटान, आंवला सांसद से लेकर जिला अध्यक्ष तक की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व, बरेली कैंट की राजनीति में बढ़ीं सियासी चर्चाएं

नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां भले ही अभी शुरुआती दौर में हों, लेकिन बरेली कैंट विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। सोमवार को बरेली कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे राजेश अग्रवाल के आवास पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। दोपहर के भोजन के बहाने आयोजित इस कार्यक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।


राजेश अग्रवाल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में आंवला से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य, जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष शिवचरन कश्यप, निवर्तमान जिला महासचिव संजीव यादव, समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य इंजीनियर अनीस अहमद खां, सुरेंद्र सोनकर, जितेंद्र मुंडे, प्रमोद बिष्ट, स्मिता यादव, जैनब फातिमा, पल्लवी सक्सेना और रविंदर यादव सहित पार्टी के अनेक नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बरेली महानगर और कैंट क्षेत्र के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी शामिल हुए।


राजनीतिक दृष्टि से यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें पार्टी के विभिन्न वर्गों और संगठनों से जुड़े नेताओं की एक साथ मौजूदगी देखने को मिली। इनमें समाजवादी अल्पसंख्यक सभा, बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी, समाजवादी शिक्षक सभा जैसे आनुषांगिक संगठन शामिल हैं। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों को संगठनात्मक मेल-मिलाप का हिस्सा माना जाता है, लेकिन जब किसी विधानसभा सीट के संभावित उम्मीदवार के आवास पर इतने बड़े स्तर पर पार्टी नेताओं का जुटान हो तो उसके राजनीतिक मायने भी निकाले जाते हैं।
समाजवादी पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बरेली कैंट सीट पर पार्टी अभी से अपनी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है। ऐसे में राजेश अग्रवाल लगातार क्षेत्र में सक्रियता बनाए हुए हैं। सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी बढ़ती भागीदारी ने उन्हें टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल कर दिया है।


दरअसल, यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब एक दिन पहले ही गंगापुर में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी। उस आयोजन में भी राजेश अग्रवाल ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ भाग लिया था। लगातार दो दिनों तक अलग-अलग आयोजनों में शीर्ष नेताओं के साथ उनकी सक्रिय मौजूदगी ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत करने का काम किया है।
बरेली कैंट विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण मानी जाती रही है। पार्टी लंबे समय से इस सीट पर मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में जो नेता लगातार कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच सक्रिय दिखाई देता है, उसकी दावेदारी स्वाभाविक रूप से मजबूत मानी जाती है। राजेश अग्रवाल पिछले कुछ समय से इसी रणनीति पर काम करते दिखाई दे रहे हैं।


सोमवार को उनके आवास पर आयोजित कार्यक्रम में जिस तरह से जिले और महानगर के नेताओं की उपस्थिति रही, उसने राजनीतिक चर्चा को और हवा दे दी। कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि राजेश अग्रवाल ने संगठन के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता का संदेश दिया है। वहीं, उनके समर्थक इसे क्षेत्र में उनकी बढ़ती लोकप्रियता और संगठन के भीतर मजबूत पकड़ के रूप में देख रहे हैं।
हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी किसी विधानसभा सीट पर उम्मीदवारों को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व उन नेताओं पर विशेष नजर रख रहा है जो चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का काम कर रहे हैं। इस कसौटी पर राजेश अग्रवाल फिलहाल काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं।


बरेली कैंट की राजनीति में सोमवार का यह आयोजन केवल एक दोपहर भोज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कई नए राजनीतिक संकेत भी दिए हैं। जिस तरह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ उनकी मौजूदगी दर्ज कराई, उससे यह संदेश जरूर गया है कि राजेश अग्रवाल बरेली कैंट सीट पर समाजवादी पार्टी की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में उनकी सक्रियता और संगठन के साथ तालमेल इस सीट की सियासत को और दिलचस्प बना सकता है।

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