पत्नियों की तरह ही पति को भी अपनी पत्नी से गुजारा भत्ता पाने का अधिकार है| इसका अधिकार हमारे देश का कानून देता है लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं| सिर्फ वही पति गुजारा भत्ता पाने के अधिकारी होते हैं जिनके पास अपना आय का कोई साधन नहीं होता और वे बेरोजगार होते हैं| अगर पति पूरी तरह से बेरोजगार है और उसकी पत्नी सरकारी नौकरी करती है तो भारतीय कानून पति को अपनी पत्नी से तलाक लेने पर गुजारा भत्ता पाने का अधिकार देता है| जब कोई पुरुष बेरोजगार हो और जीवन यापन के लिए पूरी तरह से अपनी पत्नी पर ही आश्रित हो तो वह भारतीय दंड संहिता की धारा 125 के तहत न्यायालय में गुजारा भत्ता पाने के लिए आवेदन कर सकता है| उसे न्यायालय में यह साबित करना होता है कि वह पूरी तरह से बेरोजगार है| अगर न्यायालय उसकी दलीलों से संतुष्ट होता है तो वह उसकी पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश दे सकता है| गुजारा भत्ते की अधिकतम राशि पत्नी की आमदनी की 30% हो सकती है|
– भगवत सरन साहू, एडवोकेट, बरेली





