तीन सीटों पर दावा करेगी कांग्रेस, शहर और कैंट में से एक ही सीट लेगी, एक से मुस्लिम, दूसरी से सामान्य और तीसरी सीट से ओबीसी होगा उम्मीदवार, कौन-कौन सी सीटों पर है कांग्रेस की नजर, पढ़ें कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशफाक सकलैनी से खास बातचीत
नीरज सिसौदिया, बरेली
2027 में प्रस्तावित यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है। लोकसभा की मुख्य विपक्षी पार्टी ने इस बार बरेली जिले की तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बनाया है। गठबंधन के तहत पार्टी इन तीन सीटों का प्रस्ताव समाजवादी पार्टी के समक्ष रखने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अशफाक सकलैनी ने इंडिया टाइम 24 के साथ विशेष बातचीत में कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से तीन सीटों का प्रस्ताव कांग्रेस हाईकमान को भेजा जाएगा। इनमें बिथरी विधानसभा सीट, मीरगंज विधानसभा सीट अनिवार्य रूप से शामिल होंगी जबकि शहर और कैंट विधानसभा सीटों में से किसी एक सीट पर पार्टी उम्मीदवार उतारे जाने का अनुरोध किया जाएगा।
इन तीन सीटों पर उम्मीदवारों का समीकरण क्या होगा, यह पूछे जाने पर अशफाक सकलैनी ने कहा कि एक सीट पर मुस्लिम, दूसरी पर सामान्य हिन्दू और तीसरी सीट पर अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित उम्मीदवार को टिकट देने का प्रस्ताव पार्टी आलाकमान को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के तहत किस पार्टी को कितनी सीटें दी जानी चाहिए और किस सीट से किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान ही करेगा। हाईकमान जो निर्णय लेगा, हम उस पर आगे बढ़ने का काम करेंगे।
अशफाक सकलैनी के इस बयान से यह लगता है कि महानगर की सीट के लिए दोनों दलों के बीच कोई पेंच नहीं फंसने वाला। समाजवादी पार्टी के ज्यादातर नेता शहर विधानसभा सीट कांग्रेस को देने के पक्ष में पहले से ही हैं। अगर कांग्रेस कैंट विधानसभा सीट की डिमांड करती है तो जरूर पेंच फंस सकता है क्योंकि कैंट सीट पर समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता डॉ. अनीस बेग, राजेश अग्रवाल और इंजीनियर अनीस अहमद खां पूरे जोर-शोर से तैयारी कर रहे हैं। इनमें डॉ. अनीस बेग का दावा इसलिए भी सबसे मजबूत लग रहा है क्योंकि वर्ष 2017 में ही पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने दर्जनों दावेदारों की भीड़ में उन्हें चुना था लेकिन कुछ कारणों के चलते डॉ. अनीस बेग ने टिकट लौटा दिया था। लेकिन इस बार टिकट लौटाने जैसी स्थिति बिल्कुल नहीं आने वाली। इस बार डॉ. अनीस बेग ने चुनाव लड़ने का पूरा मन बना लिया है और इसकी तैयारी में वह अभी से जी-जान से जुट गए हैं। इसी तरह राजेश अग्रवाल और इंजीनियर अनीस अहमद खां भी कैंट सीट से पूरी तैयारी कर रहे हैं। अगर ऐन वक्त पर कैंट सीट कांग्रेस को दे दी जाएगी तो फिर इन तीनों नेताओं की मेहनत पर पानी फिर सकता है जिससे गठबंधन उम्मीदवार को नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि कैंट सीट समाजवादी पार्टी के हिस्से में ही आएगी।
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