नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी से 126 आंवला विधानसभा सीट के प्रबल दावेदार माने जा रहे डॉ. जीराज सिंह यादव ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर पूरे विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क कर अपनी मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई। 14 अप्रैल को सुबह से देर रात तक उन्होंने कई ग्राम पंचायतों और कस्बों में पहुंचकर अंबेडकर जयंती कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, शोभायात्राओं का शुभारंभ किया, प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और ग्रामीणों की मांग पर कई सामाजिक घोषणाएं भी कीं। इस दौरान सागर समाज, मौर्य समाज, लोधी समाज समेत विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया और 2027 में समाजवादी पार्टी से टिकट मिलने की खुलकर कामना की।

डॉ. जीराज सिंह यादव का यह दौरा ग्राम पंचायत बचेरा से शुरू हुआ, जहां सागर समाज के लोगों ने उन्हें बाबा साहब की जयंती पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। यहां उन्होंने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और बाबा साहब के विचारों को सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इसके बाद वह भीकमपुर पहुंचे, जहां केक काटकर अंबेडकर जयंती समारोह को उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया।

इसके बाद डॉ. यादव अपनी जन्मभूमि कस्बा अलीगंज पहुंचे, जहां सागर समाज के साथियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां उन्होंने झंडी दिखाकर भव्य अंबेडकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और समाज के वरिष्ठ लोगों ने भाग लिया। पूरे कस्बे में बाबा साहब के जयकारों और समाजवादी पार्टी के नारों से माहौल गूंज उठा।

अलीगंज में उनका यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह उनका पैतृक क्षेत्र होने के साथ-साथ समर्थकों का मजबूत आधार भी माना जाता है।

इसके बाद उनका काफिला रहितुइया गांव पहुंचा, जहां उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां सागर समाज के लोगों की मांग पर उन्होंने गांव के पार्क में अपने अस्पताल की ओर से बाबा साहब की प्रतिमा लगवाने की घोषणा की। इस घोषणा का ग्रामीणों ने तालियों और नारों के साथ स्वागत किया। लोगों का कहना था कि डॉ. यादव केवल राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी और स्थायी विकास के लिए भी प्रतिबद्ध नजर आते हैं।

डॉ. जीराज सिंह यादव इसके बाद बारीखेड़ा पहुंचे, जहां अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। यहां भी उन्होंने संविधान निर्माता के बताए मार्ग पर चलने और वंचित वर्गों को सम्मान दिलाने का संदेश दिया। इसी क्रम में वह गिरधरपुर पहुंचे, जहां ग्रामीणों की मांग पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थल के पास अस्पताल की ओर से फर्श के लिए टाइल लगवाने की घोषणा की। ग्रामीणों ने इसे एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे स्मारक स्थल की सुंदरता और उपयोगिता दोनों बढ़ेंगी।

इसके बाद डॉ. यादव ने खेतेटा ग्राम पंचायत में पहुंचकर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां भी ग्रामीणों ने अंबेडकर पार्क में नई प्रतिमा लगाने की मांग रखी, जिस पर उन्होंने अपने अस्पताल की ओर से प्रतिमा लगवाने का आश्वासन दिया। लगातार कई गांवों में प्रतिमा स्थापना और स्मारक सौंदर्यीकरण की घोषणाओं ने उनके जनसंपर्क को और मजबूत बनाया।

रात्रि में भी उनका जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रहा। सतार नगर में सागर समाज के लोगों ने उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया, जहां उन्होंने फीता काटकर और केक कटवाकर बाबा साहब की जयंती धूमधाम से मनाई। देर रात तिगरा थानपुर में भी उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अभी तक बाबा साहब की स्थायी प्रतिमा नहीं है। इस पर डॉ. यादव ने अपने हॉस्पिटल की ओर से प्रतिमा लगवाने का आश्वासन दिया, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

रात के अंतिम चरण में डॉ. यादव कुलड़िया फैजुल्लापुर पहुंचे, जहां सागर समाज, मौर्य समाज और लोधी समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। यहां आयोजित अंबेडकर जयंती समारोह में उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने हाथ उठाकर 2027 में समाजवादी पार्टी से उन्हें विधायक प्रत्याशी बनाए जाने की कामना की। यह दृश्य डॉ. यादव की बढ़ती लोकप्रियता और क्षेत्र में उनके मजबूत सामाजिक समीकरणों को दर्शाने वाला माना जा रहा है।

पूरे दिन चले इस व्यापक दौरे ने यह साफ संकेत दिया कि डॉ. जीराज सिंह यादव आंवला विधानसभा क्षेत्र में केवल एक राजनीतिक दावेदार नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से सक्रिय और हर वर्ग के बीच स्वीकार्य चेहरा बनकर उभर रहे हैं। अंबेडकर जयंती जैसे सामाजिक और वैचारिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने दलित, पिछड़े और अन्य वर्गों के बीच उनकी पकड़ को और मजबूत किया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह गांव-गांव में उन्हें सम्मान, समर्थन और टिकट की खुली मांग मिल रही है, उससे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी में उनकी दावेदारी और मजबूत हुई है। खासतौर पर सागर समाज, मौर्य समाज और लोधी समाज के साथ उनका बढ़ता संपर्क आने वाले समय में आंवला की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।





