बरेली कैंट विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के एक-एक कर दावेदार मैदान में उतरने लगे हैं। कुछ खुलेआम तो कुछ चोरी-छुपे चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। ऐसा ही एक बड़ा चेहरा भी इस बार कैंट विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहा है। यह चेहरा है बिल्सी के पूर्व विधायक और सपा नेता आरके शर्मा का। आरके शर्मा पिछला चुनाव आंवला विधानसभा सीट से लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसलिए इस बार वह कैंट विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने की तैयारी में जुटे हैं।
बता दें कि बरेली की सियासत में आरके शर्मा का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। समाजवादी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले आरके शर्मा के कांग्रेस में भी कई नेता शुभचिंतक हैं। इनमें कुछ मुस्लिम दिग्गज और वैश्य बिरादरी के दिग्गज नेता भी शामिल हैं। ये नेता चाहते हैं कि अगर सपा और कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ते हैं तो आरके शर्मा को गठबंधन का उम्मीदवार बनाया जाए। हालांकि, बीच में एक कांग्रेस नेता का नाम इस सीट के दावेदार के तौर पर उभरा था। उस वक्त आरके शर्मा अपने उस मित्र के लिए अपनी दावेदारी छोड़ने तक को तैयार हो गए थे लेकिन जब उस मुस्लिम नेता ने इनकार कर दिया तो आरके शर्मा ने अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि आरके शर्मा के ये शुभचिंतक ही कैंट सीट पर उनके लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा कुछ ब्राह्मण कार्यकर्ता भी चाहते हैं कि आरके शर्मा कैंट सीट से किस्मत आजमाएं। बताया जाता है कि आरके शर्मा कैंट विधानसभा सीट पर ब्राह्मण वोटों को साधने के आधार पर दावेदारी की तैयारी कर रहे हैं। शर्मा अखिलेश यादव के करीबी भी बताए जाते हैं। अगर आरके शर्मा मैदान में उतरते हैं तो उनकी दावेदारी सारे हिन्दू दावेदारों पर सबसे भारी पड़ सकती है। साफ सुथरी छवि वाले आरके शर्मा एक बेहतरीन व्यक्तित्व के धनी भी हैं। यही वजह है कि उन्हें जनता के बीच काफी पसंद किया जाता है।
शर्मा के अलावा कैंट सीट से हिन्दू दावेदारों में प्रमुख चेहरे सुप्रिया ऐरन और राजेश अग्रवाल का है। वहीं बताया यह भी जा रहा है कि बरेली कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनुराग सिंह नीटू भी कैंट सीट से ही दावेदारी की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, मुस्लिम उम्मीदवारों में सबसे बड़ा चेहरा मौजूदा समय में डॉक्टर अनीस बेग का है। वह जिस तरह एक के बाद एक कैंट विधानसभा क्षेत्र में बड़े-बड़े आयोजन और पीडीए की बैठकें कर रहे हैं उसने अन्य दावेदारों की दावेदारी को भी संकट में डाल दिया है। बहरहाल, 2027 के चुनावों के लिए बरेली कैंट विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के दावेदार पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं जबकि शहर विधानसभा सीट पर मोहम्मद कलीमुद्दीन को छोड़कर कोई भी नेता सक्रिय नजर नहीं आ रहा।
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