यूपी

रेलवे स्टेशन पर गए थे निरीक्षण करने, यूपी के मंत्री राजभर के बेटे के खिलाफ एफआईआर, पढ़ें क्या है पूरा मामला?

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नीरज सिसौदिया, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर के खिलाफ मऊ रेलवे स्टेशन का अनाधिकृत निरीक्षण करने का एक मामला दर्ज किया गया है। घोसी से सांसद राजीव राय द्वारा यह मामला उठाने के बाद रेलवे अधिकारियों ने यह कार्रवाई की। यह मामला शुक्रवार को सामने आया जब राजीव राय को रेलवे से एक पत्र प्राप्त हुआ जिसमें उन्हें सूचित किया गया कि भाजपा की सहयोगी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के महासचिव अरविंद के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। इस पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राजीव राय ने घोसी संसदीय सीट पर अरविंद राजभर को 1.62 लाख मतों के अंतर से हराया था। राजीव राय ने बताया कि उन्होंने “स्वयंभू रेल मंत्री” (अरविंद राजभर) द्वारा मऊ रेलवे स्टेशन का अनाधिकृत निरीक्षण का मामला उठाया था जिसके आधार पर रेलवे ने जांच शुरू की। सत्रह जुलाई को लिखे पत्र में वाराणसी के डीआरएम ने राय को सूचित किया कि 19 मार्च को किसी पार्टी के नेता ने मऊ रेलवे स्टेशन पर आने एवं निरीक्षण आदि करने संबंधी ना तो स्टेशन अधीक्षक या किसी रेलवे अधिकारी से अनुमति ली थी और ना ही रेलवे के किसी विभाग के सूचना दी गई थी। पत्र में लिखा गया है, “19 मार्च की दोपहर अरविंद राजभर ने अपने कुछ समर्थकों और मीडियाकर्मियों के साथ रेलवे प्लेटफार्म पर अनाधिकृत तरीके से संवाददाता सम्मेलन किया, जिससे रेलवे संचालन और रेल कर्मियों का कामकाज बाधित हुई और यात्रियों को अत्यंत असुविधा का सामना करना पड़ा।” पत्र के अनुसार “इस संबंध में रेल सुरक्षा बल थाने में रेल अधिनियम की सुसंगत धाराओं में अरविंद राजभर और 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।” डीआरएम ने यह भी कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में कोई ऐसा घटना न हो जिससे रेल यात्रियों को असुविधा हो। इस बीच, राय ने कहा, “मैंने घटना के चार दिन बाद इस मुद्दे को उठाया था जिसमें स्वयंभू रेल मंत्री (अरविंद राजभर) अपने साथियों के साथ स्टेशन पहुंचे, रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और कहा कि स्थानीय सांसद झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने प्लेटफॉर्म पर एक संवाददाता सम्मेलन भी किया। इससे मुझे क्रोध आया क्योंकि मैं यहां से निर्वाचित सांसद हूं।” उन्होंने कहा, “रेल मंत्री ने डीआरएम को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच में मेरे लगाए आरोप सही पाए गए। डीआरएम के निर्देश पर यह मामला दर्ज किया गया।” वहीं, इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद राजभर ने बताया, “पहले विपक्षी पार्टी के सांसद ने यह मुद्दा उठाया था। मैं किसी को लेने के लिए रेलवे स्टेशन गया था और तभी कुछ पत्रकारों ने रेलवे स्टेशन की खराब हालत को लेकर स्थानीय सांसद के बयान के बारे में मुझसे प्रश्न किया। मैंने महज इतना ही कहा कि सांसद को यह पता होगा कि 2003 से यह स्टेशन बदलाव के दौर से गुजर रहा है।” राजभर ने दावा किया कि स्थानीय सांसद ने पुराने मुद्दे अनावश्यक रूप से फिर से उठाए।

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