नीरज सिसौदिया, बरेली
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेला-2026 में बरेली के वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार साथ ही इनवर्टिस विश्वविद्यालय पत्रकारिता विभाग के डीन डॉ. राजेश शर्मा द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘खुलती हुई जजीरें’ का लोकार्पण किया गया।ये संकलन लेखक का तीसरा कविता संग्रह है। संकलन की कविताएं हस्तक्षेप, पीढ़ी दर पीढ़ी, यादें अंतहीन काफी प्रभावित करती हैं। ये संग्रह यथार्थवाद से ओत-प्रोत है। पुस्तक का प्रकाशन विस्तार पब्लिशर्स ने किया है। पुस्तक लोकार्पण करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि कविता चेतना का वह स्वर है जो भीतर उठती हर हलचल को आवाज देती है। कविता ही वह माध्यम है जो समाज को नई दिशा भी देती है।

यह संकलन भी इसी दिशा मे उठाया गया एक कदम है। पुस्तक लोकार्पण के मौके पर जेसीबी पुरस्कार सम्मानित लेखक खालिद जावेद, वरिष्ठ पत्रकार रामशरण जोशी,कमलेश भट्ट कमल, लेखक सुहेल वहीद,लेखक शम्भू दयाल बाजपेयी, लेखक दिनेश श्रीनेत,अनुराग सक्सेना सहित बहुत से लेखक पाठक मौजूद रहे।





