नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली। पवित्र पर्व ईद उल फितर के अवसर पर बरेली शहर में उत्साह, उल्लास और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही शहर के ईदगाह मैदान में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियां साझा कीं।
इस खास मौके पर बरेली महानगर समाजवादी पार्टी की ओर से ईदगाह मैदान में एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का उद्देश्य समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाना था। कैंप में बड़ी संख्या में पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।

कैंप का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने किया। उनके नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने ईद की नमाज के बाद लोगों का स्वागत किया और सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं। कैंप में आए लोगों के साथ नेताओं ने गले मिलकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने यह संकल्प भी लिया कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, समाजवादी पार्टी के शहर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी तथा कैंट विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार राजेश अग्रवाल, सुरेंद्र सोनकर, पार्षद गौरव सक्सेना, कैंट विधानसभा प्रभारी राजेश मौर्य और कैंट विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हरिओम प्रजापति, संजीव यादव, पार्षद आरिफ कुरैशी सहित अन्य कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर ईद के इस पावन अवसर को और भी खास बना दिया।

इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि ईद सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि हम सभी मिल-जुलकर रहें और समाज में सद्भाव बनाए रखें। समाजवादी पार्टी हमेशा से सामाजिक एकता और भाईचारे की राजनीति करती आई है, और इस तरह के आयोजनों के माध्यम से पार्टी समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य करती है।
कैंप में आने वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोगों से मुलाकात की।

ईदगाह मैदान में नमाज के बाद का दृश्य बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा। छोटे-बड़े, अमीर-गरीब सभी लोग एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए। इस अवसर पर बच्चों में खास उत्साह देखा गया, जो नए कपड़े पहनकर और ईदी पाकर बेहद खुश नजर आए।
समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित यह कैंप न सिर्फ एक राजनीतिक पहल थी, बल्कि सामाजिक समरसता का एक सशक्त उदाहरण भी बना। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि त्योहार किसी एक समुदाय के नहीं होते, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का माध्यम होते हैं।

अंत में, ईद के इस पावन अवसर पर बरेली शहर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यहां की गंगा-जमुनी तहजीब आज भी जिंदा है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग मिलकर त्योहारों की खुशियां मनाते हैं और एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं।





