नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली आंवला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पृथ्वीपुर में शनिवार रात्रि (21 मार्च 2026) को धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल के बीच श्री रासलीला का भव्य शुभारंभ किया गया। इस आयोजन में समाजवादी पार्टी से विधानसभा टिकट के प्रबल दावेदार जीराज सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। श्री रासलीला कमेटी के सदस्यों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया और फीता कटवाकर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर नजर आया। गांव के सैकड़ों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान की लीलाओं का आनंद लिया। विशेष रूप से महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

उद्घाटन के बाद जीराज सिंह यादव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रासलीला जैसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति के सभी सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन गांव के सामाजिक जीवन को समृद्ध बनाते हैं।
कार्यक्रम का एक विशेष पहलू उस समय देखने को मिला जब उपस्थित महिलाओं, नौजवानों और बुजुर्गों ने एकजुट होकर जीराज सिंह यादव के समर्थन में हाथ उठाकर भगवान से प्रार्थना की कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी से टिकट प्राप्त हो और वे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करें। इस दौरान लोगों ने “जय समाजवाद” और Akhilesh Yadav जिंदाबाद के नारे भी लगाए, जिससे माहौल पूरी तरह राजनीतिक उत्साह में भी रंग गया।

ग्रामवासियों का यह समर्थन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि क्षेत्र में जीराज सिंह यादव की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनसमस्याओं को उठाते रहे हैं और यही कारण है कि उन्हें जनता का भरपूर स्नेह और समर्थन मिल रहा है।
इस अवसर पर जीराज सिंह यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें मौका देता है तो वे क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में रासलीला का मंचन शुरू हुआ, जिसे देखने के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। भक्ति संगीत और कलाकारों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुल मिलाकर यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और राजनीतिक संदेश का एक सुंदर संगम बनकर सामने आया।





