नीरज सिसौदिया, बरेली
हज पर जाने वाले जायरीनों की सहूलियत और सही रहनुमाई के लिए एक विशेष हज ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप चिकित्सक डॉ. अनीस बेग की ओर से शहर के एक मीटिंग हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में हज यात्रियों ने हिस्सा लिया। कैंप का मकसद यह था कि हज पर जाने वाले सभी आजमीन-ए-हज अपने मुकद्दस सफर से पहले हज के जरूरी अरकान, नियमों और एहतियातों को अच्छी तरह समझ सकें।


कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अनीस बेग ने हज यात्रियों के इस्तकबाल से की। उन्होंने सभी जायरीनों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि हज जिंदगी का बहुत अहम और मुकद्दस सफर होता है। ऐसे में सही जानकारी और तैयारी के साथ सफर करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस मौके पर हज कमेटी ऑफ इंडिया से जुड़े मुख्य प्रशिक्षक डॉ. जुल्फिकार ने हज के अरकान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एहराम बांधने से लेकर तवाफ, सई, अराफात में वकूफ, मुजदलिफा में ठहरना और जमरात पर कंकरियां मारने तक हर अमल को सही तरीके से करना जरूरी है। उन्होंने हज के दौरान सब्र, अनुशासन और एक-दूसरे की मदद करने की भी नसीहत दी।

हज ट्रेनर हाजी मोहम्मद यासीन कुरेशी ने सफर के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर खास जोर दिया। उन्होंने जायरीनों को जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य जरूरी सामान अपने साथ रखने की सलाह दी। साथ ही भीड़भाड़ वाले स्थानों में सतर्क रहने, अपने ग्रुप से जुड़े रहने और तय नियमों का पालन करने की भी जानकारी दी।

कैंप में अब्दुल शाकिर, सरफराज, अब्दुल हक अहमद साहब, तौफीक अहमद खान और हुरिया रहमान एडवोकेट ने भी अपने अनुभव और जरूरी सुझाव साझा किए। उन्होंने हज यात्रियों को सफर के दौरान सफाई, सेहत और समय का खास ध्यान रखने की सलाह दी।

ट्रेनिंग कैंप में मौजूद हज यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग से उन्हें हज के मुकम्मल तरीके को समझने में काफी मदद मिली है। सभी ने डॉ. अनीस बेग और ट्रेनर्स का शुक्रिया अदा किया। यह कैंप हज यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ।





