नीरज सिसौदिया, बरेली
भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर बरेली में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता का भव्य नजारा देखने को मिला। सिविल लाइंस स्थित नॉवल्टी चौराहे पर समाजसेवी, वरिष्ठ चिकित्सक और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अनीस बेग की ओर से लगाए गए सेवा कैंप ने पूरे आयोजन को विशेष पहचान दी। इस मौके पर सबसे बड़ा आकर्षण रही अंबेडकर शोभायात्रा, जिसका डॉ. अनीस बेग ने अपनी टीम के साथ फूलों की वर्षा, शॉल ओढ़ाकर और मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया।

सुबह से ही अनीस बेग अंबेडकर जयंती से जुड़े कई कार्यक्रमों में शामिल हुए और बाबा साहेब को नमन कर उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। दोपहर बाद भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान सेवा समिति और अन्य संगठनों की ओर से शोभायात्रा निकाली गई।

शहर के अलग-अलग हिस्सों से बाबा साहेब की झांकियों, बैंड-बाजों और जय भीम के नारों के साथ शोभायात्रा आगे बढ़ रही थी। जैसे ही शोभायात्रा चौराहे पर पहुंची, डॉ. अनीस बेग ने दलित समाज के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शोभायात्रा में शामिल अंबेडकरवादियों का शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर सम्मान किया। इस आत्मीय स्वागत ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। फूलों की बारिश और सम्मान समारोह के चलते पूरा माहौल उत्साह और सम्मान से भर गया।

डॉ. अनीस बेग ने इस अवसर को केवल स्वागत तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सेवा और सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश बना दिया। भीषण गर्मी को देखते हुए कैंप में ठंडे शुद्ध पेयजल, मिठाई और जलपान की व्यापक व्यवस्था की गई थी। हजारों लोगों ने रुककर पानी पिया, मिठाई ग्रहण की और सेवा कार्य की सराहना की। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने भी इस व्यवस्था का लाभ उठाया।

कार्यक्रम में सबसे खास बात यह रही कि डॉ. अनीस बेग लगातार खुद लोगों की सेवा करते रहे। उन्होंने हर आने वाले व्यक्ति का स्वागत किया और बाबा साहेब के विचारों को समाज तक पहुंचाने का संदेश दिया। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि इस तरह का सम्मान और सेवा भाव कम ही देखने को मिलता है।

राजनीतिक गलियारों में भी इस आयोजन की खूब चर्चा रही। डॉ. अनीस बेग को कैंट विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, और अंबेडकर जयंती पर उनके इस बड़े सेवा आयोजन ने खासकर दलित समाज के बीच उनकी लोकप्रियता को और मजबूत करने का काम किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह उन्होंने शोभायात्रा में शामिल लोगों का सम्मान किया और सेवा कैंप लगाया, उससे समाज के एक बड़े वर्ग में उनका जनसंपर्क और प्रभाव बढ़ा है।

खासतौर पर ऐसे समय में जब भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रमुख स्थानीय चेहरे इस आयोजन में कहीं नजर नहीं आए, डॉ. अनीस बेग की सक्रिय मौजूदगी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। चर्चा यह भी रही कि उन्होंने मौके पर पहुंचकर जिस तरह सीधे दलित समाज और अंबेडकर समर्थकों से संवाद किया, उससे उनकी छवि एक जमीनी और सक्रिय नेता के रूप में और मजबूत हुई है।

शोभायात्रा में बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान को दर्शाती कई आकर्षक झांकियां शामिल थीं। शहर में कई जगह स्वागत हुआ, लेकिन नॉवल्टी चौराहे पर डॉ. अनीस बेग द्वारा किया गया शॉल-माला सम्मान और पुष्प वर्षा सबसे ज्यादा चर्चा में रही। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में इस पड़ाव को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।

इस अवसर पर डॉ. अनीस बेग ने कहा कि बाबा साहेब ने अपना पूरा जीवन समाज के कमजोर, वंचित और दलित वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश आज भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष शमीम खान सुल्तानी, राजेश मौर्य, दीपक शर्मा, हरिओम प्रजापति, रणवीर सिंह याटव, सुरेंद्र सोनकर वीना गौतम, दिलीप कुमार, कमलेश रत्नाकर, किरण सक्सेना, ऋषि यादव, एडवोकेट हुरिया रहमान, लक्की रत्नाकर और मुकेश मौर्य समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।


दिनभर नॉवल्टी चौराहे पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। डॉ. अनीस बेग की अगुवाई में शोभायात्रा का सम्मान, शॉल-माला से स्वागत और सेवा कैंप ने अंबेडकर जयंती को खास पहचान दी। लोगों ने इसे सामाजिक सम्मान, सेवा भाव और दलित समाज के प्रति सच्चे जुड़ाव की मिसाल बताया।





