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कुछ तो शर्म करो : अमित शाह की रैली के लिए लगाए थे टेंट, भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने अब तक नहीं दिए टेंट वाले के ढाई लाख रुपए, सीएम से लगाई गुहार, जानिये क्या है पूरा मामला?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
गुटबाजी और एक स्थानीय नेता के पिछलग्गू बनने के चलते विवादों में आए बरेली महानगर भाजपा अध्यक्ष अधीर सक्सेना एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी रैली से जुड़ा है। इस रैली के लिए टेंट बैरिकेडिंग लगाने वाले अग्रवाल टेंट हाउस के मालिक ने बरेली महानगर भाजपा अध्यक्ष अधीर सक्सेना और लोकसभा प्रभारी देवेंद्र चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला ढाई लाख रुपए का भुगतान न करने का है। दिलचस्प बात यह है कि ये आरोप लगाने वाले टेंट हाउस के मालिक गोपेश अग्रवाल खुद भी भाजपा कार्यकर्ता हैं। छह महीने बाद भी उन्हें ढाई लाख रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। गोपेश अग्रवाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप कर भुगतान दिलवाने का अनुरोध किया है।

अधीर सक्सेना, बरेली भाजपा महानगर अध्यक्ष

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में गोपेश अग्रवाल ने लिखा, ‘मैं गोपेश कुमार अग्रवाल, अग्रवाल टेंट हाउस बरेली का संचालक हूं। हमने हमारे माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी की विगत 1 मई 2024 को हुई रैली के लिए टेंट बैरिकेडिंग का काम किया था। इस काम का आदेश हमें लोकसभा प्रभारी देवेंद्र चौधरी और बरेली महानगर भाजपा अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने मौखिक रूप से आधी रात को दिया था। हमें निर्देश दिया गया था कि किसी भी स्थिति में बैरिकेडिंग का काम पूरा होना चाहिए। हमने इस निर्देश का पालन करते हुए कानपुर से किराए पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की और 1.5 किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग का कार्य किया। हमें इस काम के लिए ढाई लाख रुपए के भुगतान का आश्वासन दिया गया था किंतु आज तक हमें एक भी पैसा नहीं मिला है। हमने कई बार माननीय सदस्यों से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन वो हमारे फोन नहीं उठा रहे हैं।’

गोपेश अग्रवाल द्वारा सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखा गया पत्र।

गोपेश अग्रवाल ने सिर्फ बरेली ही नहीं बल्कि कई जिलों भाजपा की चुनावी रैलियों के लिए काम किया है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ को लिए गए शिकायत पत्र में भी इसका जिक्र किया है। गोपेश ने लिखा, ‘माननीय महोदय (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) हमने 2024 के चुनावों (लोकसभा चुनाव) के दौरान आपकी कई रैलियों में विभिन्न जिलों में सफलतापूर्वक काम किया है। हम भारतीय जनता पार्टी परिवार का हिस्सा हैं और सामाजिक सेवा के कार्य भी करते रहे हैं। अत: आपसे अनुरोध है कि इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए हमारा भुगतान करवाने की कृपा करें ताकि हम अपने व्यापार और अन्य जिम्मेदारियों को सुचारू रूप से निभा सकें।’

रैली में उपस्थित लोग जिसका टेंट बैरिकेडिंग का भुगतान नहीं किया गया।

यह पत्र 28 सितम्बर 2024 को लिखा गया था। गोपेश अग्रवाल ने बताया कि अभी तक उन्हें भुगतान नहीं किया गया है।
देवेंद्र चौधरी और अधीर सक्सेना पर लगाए जा रहे इन आरोपों की वजह से भाजपा की खूब फजीहत हो रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान आयोजित रैली का अब तक भुगतान नहीं होने से पार्टी नेता सभी के निशाने पर हैं। जब एक भाजपा कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है तो फिर आम आदमी के साथ क्या किया जाता होगा, इसका अंदाजा खुद ब खुद लगाया जा सकता है। हैरानी की बात है कि केंद्र में सरकार, प्रदेश में सरकार और स्थानीय सरकार भी भाजपा की होने के बावजूद भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी एक टेंट हाउस मालिक को ढाई लाख रुपए का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। वो गृहमंत्री की रैली के कार्यों का भुगतान न किया जाना बेहद शर्मनाक स्थिति को दर्शाता है। इससे भाजपा पदाधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। वैसे भी अधीर सक्सेना अपनी कार्यशैली के चलते पहले ही विवादों में आ चुके हैं। अब एक और विवाद उनके साथ जुड़ गया है।

अमित शाह की रैली में उमड़ी भीड़ जिसका टेंट बैरिकेडिंग का भुगतान नहीं किया गया।

इस संबंध में जब लोकसभा चुनाव प्रभारी देवेंद्र चौधरी और महानगर भाजपा अध्यक्ष अधीर सक्सेना से भुगतान न करने की वजह जानने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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