नीरज सिसौदिया, बरेली
फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। आमतौर पर चुनावी तैयारियों के बीच जहां राजनीतिक गतिविधियां तेज होती हैं, वहीं इस बार शिक्षा और छात्रों के सम्मान को लेकर एक अनोखी पहल चर्चा में है। समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख और समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव चंद्रसेन सागर ने ऐसा अभियान शुरू किया है, जो न सिर्फ राजनीति से अलग है बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी दे रहा है।

29 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे फरीदपुर क्षेत्र में एक आंदोलन की तरह फैल चुका है। इस पहल के तहत चंद्रसेन सागर उन सभी बच्चों को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं पास की हैं। उनका उद्देश्य साफ है- हर उस बच्चे तक पहुंचना, जिसने मेहनत से परीक्षा पास की है और उसे यह महसूस कराना कि उसकी उपलब्धि महत्वपूर्ण है।

अब तक करीब 800 छात्र-छात्राओं को इस अभियान के तहत सम्मानित किया जा चुका है। हर बच्चे को मेडल, सम्मान पत्र और उपहार देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर छात्रों के बीच पहुंचने और उनके परिवारों से संवाद स्थापित करने का प्रयास है। चंद्रसेन सागर खुद इन कार्यक्रमों में मौजूद रहते हैं और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

नगर पंचायत फतेहगंज पूर्वी, ग्राम टिशुआ, सलेमपुर और भिटौरा में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 385 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम केवल संख्या के लिहाज से बड़ा नहीं था, बल्कि इसमें शामिल बच्चों और अभिभावकों के उत्साह ने इसे खास बना दिया।

गांवों में पहली बार इस तरह का आयोजन देखने को मिला, जहां बच्चों की पढ़ाई को लेकर इतनी गंभीरता और सम्मान दिखाया गया। हालांकि, समूचे बरेली जिले में इस तरह का अभियान पहली बार चलाया जा रहा है।
इसके अलावा ग्राम जेड, सबदलपुर, सराय गोटियां, कलीनगला और जटिया के 56 छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इन कार्यक्रमों में दूर-दूर से बच्चे और उनके परिवार शामिल हुए। कई अभिभावकों ने कहा कि इस तरह का सम्मान उन्हें पहली बार मिला है, जिससे बच्चों का मनोबल बढ़ा है।

ग्राम जिगिनिया सादिक अली और शिवनगर में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां छात्रों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में हरेली अलीपुर गांव के भी बच्चों को सम्मानित किया गया। इन छोटे-छोटे आयोजनों ने मिलकर एक बड़ा सामाजिक संदेश दिया है कि शिक्षा को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ रही है।

हरेली अलीपुर, जिगिनिया सादिक अली और शिवनगर में कुल 24 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। वहीं, खजुरिया संपत और बदरा कासिमपुर में 152 बच्चों को सम्मानित किया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि अभियान कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है और कितने व्यापक स्तर पर इसे लागू किया जा रहा है।

ग्राम रमपुरा प्रवीन में 62 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जबकि कपूरपुर में 71 बच्चों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा रियुना कलां में 35 बच्चों को सम्मानित किया गया। हर गांव में आयोजित कार्यक्रमों में एक जैसा उत्साह देखने को मिला, जिससे साफ है कि यह पहल लोगों के दिलों तक पहुंच रही है।

चंद्रसेन सागर का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ कुछ कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र के हर मेधावी छात्र तक पहुंचना है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक एक-एक बच्चे को सम्मानित नहीं कर लेंगे, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। यह सोच उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है, क्योंकि वह केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।

इस पहल का एक बड़ा असर यह भी है कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ रही है। जब उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलता है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं। कई बच्चों ने कहा कि उन्हें पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि उनकी मेहनत को समाज ने सराहा है।
अभिभावकों के बीच भी इस अभियान को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया है। उनका कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को गलत रास्तों से दूर रखकर शिक्षा की ओर प्रेरित करते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां संसाधनों की कमी होती है, वहां इस तरह का प्रोत्साहन बहुत मायने रखता है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फरीदपुर विधानसभा सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे चंद्रसेन सागर ने इस अभियान के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने यह दिखाया है कि राजनीति केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि समाजसेवा का भी जरिया हो सकती है।
हालांकि, कुछ लोग इसे चुनावी रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं, लेकिन जिस तरह से यह अभियान लगातार और व्यापक स्तर पर चल रहा है, उससे यह साफ है कि इसका प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। यह एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है, जिसमें शिक्षा को केंद्र में रखा गया है।
चंद्रसेन सागर की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा को सम्मान से जोड़कर एक नई परंपरा शुरू करने की कोशिश की है, जो आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

कुल मिलाकर, फरीदपुर में चल रहा यह अभियान सिर्फ छात्रों को सम्मानित करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक बदलाव की शुरुआत है। यह पहल यह संदेश देती है कि अगर बच्चों को सही समय पर प्रोत्साहन मिले, तो वे न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज का भविष्य बदल सकते हैं। चंद्रसेन सागर की इस पहल ने विरोधियों के होश उड़ा दिए हैं। फिलहाल पूरे विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नेता के तौर पर सिर्फ चंद्रसेन सागर का नाम ही गूंज रहा है। हर गली-मोहल्ले में उनका यह अभियान चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, सपा के टिकट के अन्य दावेदारों में मायूसी छाई हुई है। कुछ दावेदार तो ऐसे हैं जिन्हें आम जनता ने अपने कार्यक्रमों में बुलाना भी बंद कर दिया है। यह चंद्रसेन सागर की जमीनी सोच ही है जिसने पूरे विधानसभा क्षेत्र की चुनावी हवा का रुख ही बदल दिया है।




